-हाईकोर्ट के आदेश की कथित अनदेखी का आरोप; 11 अगस्त को होगी सुनवाई, हजारों श्रमिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का मामला
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के अंधेरी (पूर्व) स्थित ईएसआईसी मॉडल अस्पताल को लेकर कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा तय समय-सीमा के बावजूद अस्पताल शुरू नहीं होने के मामले में महाराष्ट्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता राजेश शर्मा ने ईएसआईसी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। इस याचिका पर 11 अगस्त 2026 को सुनवाई निर्धारित की गई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने 16 अप्रैल 2025 को जनहित याचिका क्रमांक 8/2024 का निस्तारण करते हुए ईएसआईसी को 15 अगस्त 2025 तक अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा कर उसका कब्जा लेने तथा 31 जनवरी 2026 तक अस्पताल को पूरी तरह शुरू करने का स्पष्ट निर्देश दिया था। इसके बावजूद अस्पताल आज भी अधूरा और बंद पड़ा है।
बताया गया है कि अवमानना याचिका दायर करने से पहले 6 फरवरी 2026 और 27 फरवरी 2026 को ईएसआईसी को विधिक नोटिस भेजकर न्यायालय के आदेशों का पालन करने की मांग की गई थी, लेकिन आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
राजेश शर्मा का कहना है कि वर्ष 2018 में लगी आग के बाद से हजारों बीमित श्रमिक और उनके परिवार पिछले आठ वर्षों से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। उनका आरोप है कि जब न्यायालय ने स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी थी, तब भी आदेशों का पालन नहीं किया गया, जिससे लाखों लाभार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अवमानना याचिका में न्यायालय से मांग की गई है कि अवमानना अधिनियम, 1971 के तहत संबंधित ईएसआईसी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए तथा हाईकोर्ट के आदेशों का तत्काल पालन सुनिश्चित कराया जाए।
सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बाद भी सरकारी संस्थाएं समय-सीमा का पालन नहीं करेंगी, तो आम नागरिक आखिर न्याय की उम्मीद किससे करेगा? अब सबकी निगाहें 11 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि अदालत के आदेशों की कथित अनदेखी करने वालों को कानून कितना जवाबदेह ठहराता है।
