राजेश सरकार / प्रयागराज
हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नैनी में शुक्रवार को स्नातक एवं स्नातकोत्तर के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित एक दिवसीय अभिविन्यास एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम उत्साह, गरिमा और प्रेरणादायी वातावरण के बीच संपन्न हुआ। पूरे परिसर में नए विद्यार्थियों के स्वागत का ऐसा माहौल रहा कि महाविद्यालय परिवार से जुड़ने का उत्साह उनके चेहरों पर साफ झलकता रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत नवप्रवेशी विद्यार्थियों पर पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत के साथ हुई। प्राध्यापकों एवं वरिष्ठजनों ने छात्रों का अभिनंदन करते हुए उन्हें अनुशासन, संस्कार और उत्कृष्ट शिक्षा के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
शास्ता प्रमुख प्रो. महेंद्र प्रसाद ने महाविद्यालय के अनुशासन, गरिमामय वातावरण और रैगिंग-मुक्त परिसर की विशेषताओं से छात्रों को अवगत कराया। परीक्षा प्रभारी प्रो. नीतू सिंह ने नई शिक्षा नीति के तहत परीक्षा प्रणाली, क्रेडिट व्यवस्था तथा आंतरिक मूल्यांकन की विस्तृत जानकारी देकर विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रभारी डॉ. आनंद कुमार ने युवाओं से समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया, जबकि रोवर्स-रेंजर्स प्रभारी डॉ. मीनाक्षी राठौर ने नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और साहसिक गतिविधियों से जुड़कर व्यक्तित्व विकास करने की प्रेरणा दी।
पुस्तकालयाध्यक्ष अजय कुमार मिश्र ने महाविद्यालय की डिजिटल एवं भौतिक लाइब्रेरी, वाचनालय की सुविधाओं और नियमित अध्ययन की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। क्रीड़ा प्रभारी प्रो. भास्कर शुक्ल ने खेलों को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताते हुए महाविद्यालय की खेल गतिविधियों और प्रतियोगिताओं की जानकारी दी।
महिला प्रकोष्ठ प्रभारी प्रो. हेमलता ने छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। छात्रवृत्ति प्रभारी डॉ. ऋषि प्रताप सिंह ने विभिन्न सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि पात्र विद्यार्थियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, सांस्कृतिक समिति प्रभारी डॉ. अर्चना राय ने महाविद्यालय की सांस्कृतिक गतिविधियों, वार्षिकोत्सव एवं प्रतिभा प्रदर्शन के विभिन्न मंचों से विद्यार्थियों को परिचित कराया।
महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो. सुरेश जैन ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से पुस्तकालय, शिक्षकों के अनुभव और महाविद्यालय की सभी शैक्षणिक गतिविधियों का अधिकतम लाभ उठाकर संस्थान का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अर्चना राय ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।
