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कोरोना काल में बिल्डरों पर मेहरबान थे शिंदे…आरक्षित भूखंड को बना डाला श्रीखंड… गणेश नाईक ने एकनाथ पर लगाया गंभीर आरोप

सामना संवाददाता / मुंबई

नई मुंबई में कोरोना काल में दवा, पानी चोरी हुआ और नागरिकों की सुविधाओं के लिए आरक्षित भूखंड बिल्डरों को दे दिए गए। वन मंत्री गणेश नाईक ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर इस तरह का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आगामी चुनाव में इन सबका हिसाब उनसे लिया जाएगा। नई मुंबई में कल गणेश नाईक ने विभिन्न समस्याओं को लेकर सिडको प्रदर्शनी केंद्र में अधिकारियों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान नाईक ने एक बार फिर उपमुख्यमंत्री शिंदे पर आरोप लगाए।
नई मुंबई को बारवी बांध से मिलने वाला ४० एमएलडी पानी, जो उसका अधिकार है, नहीं मिलने के कारण शहर में पानी की कमी पैदा हुई। नाईक ने यह भी आरोप लगाया कि पानी चोरों के कारण नई मुंबई प्यासी है। बैठक में पूर्व सांसद डॉ. संजीव नाईक, मनपा आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे, पूर्व महापौर सागर नाईक, जयवंत सुतार, सुधाकर सोनवणे, नई मुंबई भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. राजेश पाटील, पूर्व अध्यक्ष रामचंद्र घरात सहित विभिन्न वार्डों के जनप्रतिनिधि, मनपा के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। वन मंत्री गणेश नाईक लगातार उपमुख्यमंत्री शिंदे पर आरोप लगाते रहे हैं। कल की बैठक में भी उनकी वही भूमिका देखी गई। चूंकि नई मुंबई में कोई जनप्रतिनिधि सभागृह नहीं है, इसलिए नगरसेवकों को दोष नहीं दिया जा सकता। पानी की कमी मनपा प्रशासन की विफलता है। मनपा प्रशासन शहरी विकास विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, कोरोना काल में सिडको ने नई मुंबई की मदद करने के बजाय, मुंबई और ठाणे की मदद की। इसलिए नाईक ने शिंदे पर नई मुंबई के हक का पानी चुराने का आरोप लगाया है।

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