-सीमा श्रीवास्तव
यह आखिरी शो होगा। इसके बाद वो संगीत छोड़ देगी। आखिर ऐसा क्या हो गया कि खूबसूरत ब्रिटिश पॉप स्टार ने एक भावुक वीडियो में रोते हुए खुलासा किया है कि वह संगीत छोड़ रही हैं। जी हां, तालिया मार ने संगीत से कुछ समय के लिए दूर होने के कारणों के बारे में खुलकर बात की है, साथ ही उन्होंने अपने अंतिम प्रदर्शन की तारीख का भी खुलासा किया है। २९ वर्षीय गायिका, जो अपने हिट गाने `स्टे द नाइट’ से फेमस हुई थी, ने एक बयान जारी किया। सोशल मीडिया पर तालिया ने लिखा, ‘इस शुक्रवार को मेरे ईपी की रिलीज और ६ अक्टूबर को लंदन में मेरे आखिरी शो के बाद, मैं संगीत से कुछ समय के लिए ब्रेक ले रही हूं।’ `आप सभी को बहुत प्यार और ६ अक्टूबर को लंदन में मेरे अब तक के सबसे बड़े और बेहतरीन शो में आपसे मिलते हैं, यह दुख की बात है कि यह एक तरह से विदाई शो बन रहा है लेकिन चलिए इसे शानदार तरीके से खत्म करते हैं।’ ‘मैं सचमुच उम्मीद करती हूं कि यह हमेशा के लिए नहीं है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो मुझे उम्मीद है कि आप समझेंगे,’ उसने अपनी बात समाप्त की। बाद में तालिया ने एक भावुक लेकिन स्पष्ट वीडियो में अपने बयान को स्पष्ट किया। ‘मुझे इंटरनेट पर रोना बिल्कुल पसंद नहीं है, लेकिन अब तो यह मेरे स्वभाव का एक हिस्सा बन गया है,’ उसने आंसू रोकते हुए कहना शुरू किया।
मौत के मुंह से लौटी जमीला
कौन है जमीला जमील? वह एक शानदार अभिनेत्री है। हास्य कलाकार है। और जब उसने बताया कि वह मौत के मुंह से वापस लौटी है तो सुनने वाले दंग रह गए। ४० वर्षीय अभिनेत्री, हास्य कलाकार ने बताया कि उसे ऐसा लगा मानो जहर दिया गया हो। इससे उसकी श्वास नली बंद हो गई और दिल में ऐंठन शुरू हो गई थी। जमीला जमील ने अपनी नवीनतम सबस्टैक पुस्तक, `ए लो डिजायर टू प्लीज विद जमीला जमील’ में इस गर्मी में फफूंद से संक्रमित होने के बारे में खुलकर लिखा है। उन्होंने बताया कि वह एमसीएएसए (मास्ट सेल एक्टिवेशन सिंड्रोम) से पीड़ित हैं, जो एक हिस्टामाइन विकार है, जिसमें व्यक्ति को अचानक और गंभीर एलर्जी हो जाती है । जमीला ने अपने सबस्टैक इश्यू में दावा किया कि उन्हें एयर कंडीशनिंग यूनिट से फफूंद की विषाक्तता हो गई, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। सीटी स्कैन कराया और उनकी नसों में आयोडीन का इंजेक्शन लगाया गया, पर यह पता नहीं था कि आयोडीन से उसे जानलेवा एलर्जी’ है। जमीला ने खुलासा किया कि उन्हें जो आयोडीन दिया गया था, उससे उन्हें इतनी गंभीर एलर्जी हुई कि वह `हृदय गति रुकने के कगार पर’ पहुंच गई थीं। वह कहती है, शुक्र है समय पर इलाज मिल गया अन्यथा आज वो सबके बीच में नहीं होती।
