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वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को अनुदान के बदले नियमित वेतनमान मिले-प्रो. विजय कुमार मिट्ठू

अनिल मिश्र / पटना

मगध विश्वविद्यालय अंतर्गत संचालित वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ के बैनर तले अपने विभिन्न मांगों को अविलंब पूरा कराने की मांग को लेकर आयोजित महा धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता प्रो विजय कुमार मिट्ठू ने कहा की बिहार के लगभग 200 वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का ये अंतिम और अनुकूल मौका है अनुदान के बदले नियमित वेतनमान लेने का, क्योंकि राज्य सरकार की यह घोषणा है कि राज्य के 534 प्रखंडों में हम डिग्री कॉलेज सुनिश्चित कराएंगे, जबकि सभी सरकारी एवं संबंधन प्राप्त सभी डिग्री कॉलेज की संख्या 300 के करीब है, अभी राज्य के 65% छात्र संबंधन प्राप्त कॉलेज में पढ़ते, डिग्री कॉलेज के परीक्षा कॉपी का 90 % जांच संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज के शिक्षक करते हैं। इसी बीच माननीय उच्च न्यायालय के डबल बेंच का यह फैसला आना की समान काम हेतु समान वेतन तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों के अनुसार सभी संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज के शिक्षक को अंगीभूत कॉलेज के तर्ज़ पर वेतनमान एवं पेंशन देने का आदेश जिसे तीन माह में लागू कराना है, जिसमें लगभग एक माह से भी कम समय बचा हुआ है। बिहार से सन 2000 में अलग हुए झारखण्ड राज्य में सभी संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान मिल रहा है, यानी आज सभी माहौल अनुकूल है। इस संबंध में प्रो. विजय कुमार मिट्ठू ने कहा कि आज यह आश्चर्य का विषय है कि राज्य सरकार द्वारा महीनों पहले मगध विश्वविद्यालय अंतर्गत संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज के सत्र 2014-17 का अनुदान राशि लगभग 50 कॉलेज को नहीं दिया गया है, जो विश्वविद्यालय को महीनों पहले सभी कॉलेज को भेज देनी चाहिए थी। जहां तक कॉपी जांच कार्य समाप्ति के महीनों बीतने के बाद भी शिक्षक को मेहनताना नहीं देना घोर अन्याय है, जबकि इसे शिक्षण अति आवश्यक कार्य मान कर रविवार एवं सार्वजानिक छुट्टी में भी काम किया जाता है। प्रो. विजय कुमार मिट्ठू ने कहा कि अभी नहीं तो कभी नहीं के नारों को बुलंद करते हुए 22 जुलाई को पटना में आयोजित होने वाले धरना-प्रदर्शन में हजारों-हजार की संख्या में शामिल होकर अनुदान के बदले नियमित वेतनमान की मांग को पूरा कराने हेतु चट्टानी एकता बना कर शामिल होने की कृपा करें।

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