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पुरानी पेंशन बहाली व टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने निकाली तिरंगा यात्रा

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

ऑल टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) ने सुल्तानपुर में शुक्रवार को पुरानी पेंशन बहाली और सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में तिरंगा मार्च निकाला। राज्य कर्मचारियों ने भी मार्च में शिक्षकों का साथ दिया।
तिकोनिया पार्क से निकलकर प्रमुख मार्गों से होते हुए तिरंगा हाथों में लिए शिक्षक और कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। मार्च में प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर शिक्षक संघ, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, ग्राम पंचायत एवं ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत सफाई कर्मचारी, शिक्षामित्र, अनुदेशक, कृषि, जल निगम, सिंचाई, पशुपालन, लेखपाल और शिक्षणेत्तर कर्मचारी संगठनों सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।
अटेवा प्रमुख अशोक सिंह गौरा ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि कर्मचारियों और शिक्षकों के बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन से जुड़ा अधिकार है। उन्होंने दशकों से सेवारत शिक्षकों पर भी टीईटी पास करने की अनिवार्यता पर सवाल उठाए। गौरा ने कहा कि सेवारत शिक्षकों के अनुभव, हित और सेवा-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में अटेवा के महामंत्री मो. हसीब, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र मौर्य, मीडिया प्रभारी मनोज प्रभाकर, कोषाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र, प्रवक्ता मनोज दूबे, आईटी सेल प्रभारी चंद्रपाल राजभर, सोशल मीडिया प्रभारी अनुराग श्रीवास्तव और महिला मोर्चा संयोजिका गरिमा चौरसिया सहित अन्य पदाधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।

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