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महासभा में छलके आंसू!

-भाजपा नगरसेवक की टिप्पणी से आहत हुईं मनपा उपायुक्त

-भरी बैठक में फूट-फूटकर रो पड़ीं

राधेश्याम सिंह / वसई

वसई-विरार महानगरपालिका की महासभा में  जब नाले की साफ-सफाई पर चर्चा चल रही थी, तो उस समय बीजेपी के नगरसेवक ने संबंधित डिपार्टमेंट की मनपा उपायुक्त अर्चना दिवे के सरनेम को लेकर कटाक्ष करते हुए गलत बातें कहीं। इस घटना से आहत होकर उपायुक्त अर्चना दिवे भरी सभा और मनपा आयुक्त के सामने ही फूट-फूट कर रो पड़ीं।
ज्ञात हो कि सोमवार को वसई- विरार महानगरपालिका के हॉल में सभा रखी गई थी। इस जनरल मीटिंग में कंस्ट्रक्शन, फेरीवाले, मार्वेâट टैक्स, सड़क के काम, सीवेज प्रोजेक्ट, पानी की समस्या, पुलिया, ट्रांसपोर्ट सर्विस और नाले की साफ-सफाई जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। मीटिंग के आखिर में शहर में नाले की सफाई और सीवर सिस्टम को लेकर बातचीत चल ही रही थी, इसी बीच बीजेपी के नगरसेवक गणेश पाटील ने नाले की सफाई पर सवाल उठाए। नगरसेवक ने मनपा में अर्जी देकर नाले की साफ-सफाई के काम पर हुए खर्च की जानकारी मांगी थी। यह समझाते हुए उन्होंने हॉल में खर्च के आंकड़े पढ़े। पता चला कि टेक्निकल दिक्कतों की वजह से खर्च के आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए थे। उसमें यह भी पता चला कि यह सारा कन्फ्यूजन इसलिए हुआ क्योंकि ज़ीरो के पास एक डॉट लगाना छूट गया था। नगर सेवकों ने कहा कि यह मामला संबंधित डिपार्टमेंट के अधिकारी की गलती की वजह से हुआ। इसी बीच, मनपा के बीजेपी गट नेता अशोक शेलके ने उपायुक्त अर्चना दिवे के सरनेम को लेकर कटाक्ष किया। इस कटाक्ष से आहत उपायुक्त सभा के हॉल में फूट-फूट कर रोने लगीं। इस घटना से  हो रही सभा में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं सभा में बैठी महिला नगरसेविका ने भी स्टैंड लिया और अपनी राय दी कि किसी महिला की बुराई करना गलत है।
वहीं वसई-विरार शहर मनपा के महापौर अजीव पाटील ने नगरसेवकों को हुए काम की जानकारी लेने को कहा और उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी की पर्सनल बुराई नहीं करनी चाहिए।
उक्त घटना मनपा के आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. के सामने हुआ। उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी की पर्सनल आलोचना करना गलत है। अगर एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़ा कोई सवाल है तो मनपा के आयुक्त होने की वजह से मुझसे बात करें, लेकिन इस तरह से अधिकारी की पर्सनल आलोचना और कमेंट न करें, उन्होंने सख्त शब्दों में हिदायत दी।
आयुक्त और महापौर ने लगाई फटकार
घटना के बाद महापौर अजीव पाटिल और आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. ने जनप्रतिनिधियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों की व्यक्तिगत आलोचना अनुचित है और प्रशासनिक मुद्दों पर सवाल सीधे आयुक्त के समक्ष उठाए जाने चाहिए।

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