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तहसील दिवस: कागजों में नहीं, जमीन पर दिखे समाधान; फरियादियों की शिकायतों पर सख्त हुए डीएम

राजेश सरकार / प्रयागराज

कमिश्नरेट के बारा तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस एक बार फिर राजस्व और पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवालों के बीच फरियादियों की भीड़ से गुलजार रहा। भूमि विवाद, अवैध कब्जे, पैमाइश, सीमांकन, वरासत और चकमार्ग जैसी शिकायतों का अंबार लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा रखी।
शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने अधिकारियों को दोटूक शब्दों में चेताया कि शिकायतों का निस्तारण केवल फाइलों में नहीं, बल्कि मौके पर जाकर निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए।
समाधान दिवस में जिलाधिकारी मनीष वर्मा और डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने एक-एक फरियादी की समस्या सुनी। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित मामलों के त्वरित समाधान की मांग की। कई शिकायतों में प्रशासनिक लापरवाही और राजस्व संबंधी विवाद प्रमुख रूप से सामने आए।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति बनकर न रह जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी मौके पर जांच करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर पारदर्शी एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के बार-बार चक्कर न काटने पड़ें।
डीसीपी विवेक चंद्र यादव ने पुलिस से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हुए फरियादियों को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत की तथ्यों के आधार पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी बारा शिखा शंखवार, तहसीलदार अनिल पाठक, डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद, सहायक पुलिस आयुक्त कौंधियारा अब्दुस सलाम खान, एडीएम सिविल सप्लाई विजय शंकर सहित राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन ने दोहराया कि जनता की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं, समाधान दिवस में उमड़ी भीड़ ने यह भी संकेत दिया कि जमीनी स्तर पर समस्याओं का बोझ अभी कम नहीं हुआ है।

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