-दो युवकों की डूबकर मौत के महज दो दिन बाद भी समुद्र में उतरी भीड़
-रोक के बावजूद एटीवी, क्वाड बाइक, ऊंट-घोड़े की सवारी जारी
राधेश्याम सिंह / विरार
पालघर जिले के अर्नाला समुद्र तट पर प्रशासन के प्रतिबंध और हालिया दर्दनाक हादसे के बावजूद पर्यटकों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। दो युवकों की डूबकर मौत के महज दो दिन बाद रविवार को बड़ी संख्या में पर्यटक समुद्र के किनारे और पानी में उतरते दिखाई दिए। इससे प्रशासन की सख्ती और प्रतिबंध के पालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मानसून के दौरान समुद्र में ऊंची लहरों और तेज ज्वार-भाटा के खतरे को देखते हुए अर्नाला सागरी पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा १६३ के तहत १ जुलाई से ३० सितंबर तक समुद्र तट पर घूमने, मौज-मस्ती करने और समुद्र के पानी में उतरने पर प्रतिबंध लगाया है। चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं, जिनमें नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की स्पष्ट चेतावनी दी गई है। इसके बावजूद प्रतिबंध का खुलेआम उल्लंघन होता रहा। १७ जुलाई को नालासोपारा के चार युवक समुद्र में बह गए थे, जिनमें दो की मौत हो गई थी, जबकि दो को रेस्क्यू कर बचा लिया गया था।
हादसे से नहीं लिया सबक, फिर मंडराया मौत का खतरा
समुद्र तट पर एटीवी, क्वाड बाइक, ऊंट-घोड़े की सवारी और खान-पान के स्टॉल बदस्तूर चलते रहे। नागरिकों ने अतिरिक्त पुलिस बल, लाइफगार्ड और कड़ी निगरानी की मांग करते हुए चेताया कि लापरवाही जारी रही तो फिर बड़ा हादसा हो सकता है।
