सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की महायुति सरकार पूरी तरह से कंगाल हो चुकी है। इसके साथ ही मुंबई मनपा भी गरीब हो गई है। अब मनपा ने राजस्व बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास शुरू किए हैं। इसी के तहत मनपा ने अपने भूखंडों को नीलाम कर १,२४८ करोड़ राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। क्रॉफर्ड मार्केट और वर्ली में, दो भूखंडों की नीलामी से मनपा को कुल १,२४८ करोड़ रुपए की आय होने की संभावना है।
मनपा इस आय का उपयोग विभिन्न विकास कार्यों में करेगी। वर्ली में डामर प्लांट की नीलामी से ८७९ करोड़ रुपए मिलेंगे, जबकि क्रॉफर्ड मार्वेâट में भूखंड से ३६९ करोड़ रुपए मिलेंगे। क्रॉफर्ड मार्वेâट में भूखंड से ४०० करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद थी, लेकिन आवा डेवलपर्स कंपनी ने ३६९ करोड़ रुपए की ही बोली लगाई। इस तरह मनपा ने पहली बार अपने भूखंडों की बोली लगाकर आय अर्जित की है।
मनपा ने करीब एक लाख करोड़ रुपए की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू की हैं। इनमें से कई पर काम भी चल रहा है। मौजूदा कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण मनपा आय के विभिन्न स्रोत तलाशने में जुटी है। इसी प्रयास के तहत भूखंडों की नीलामी की गई है। दरअसल, यह नीलामी प्रक्रिया आठ महीने पहले शुरू होने की उम्मीद थी। लेकिन किसी कारणवश इसमें देरी हो गई।
रिजर्व बैंक की भागीदारी नहीं
रिजर्व बैंक ने वर्ली प्लांट में रुचि दिखाई थी, लेकिन उसने इसके लिए आवेदन करने में देरी की। इसके अलावा उन्होंने नीलामी प्रक्रिया में भाग नहीं लिया। इस कारण इन दोनों भूखंडों की नीलामी प्रक्रिया में देरी हुई।
बेस्ट की आपत्ति
इससे पहले मालाबार हिल में एक भूखंड की नीलामी करने का प्रयास किया गया था। हालांकि, आपत्तियों के कारण इसकी नीलामी नहीं हो पाई थी। बेस्ट ने इस भूखंड की नीलामी प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी। बेस्ट का कहना था कि इस भूखंड पर उच्च दबाव वाले विद्युत चैनल हैं।
