सामना संवाददाता / मुंबई
कल्याण डोंबिवली में प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की पहल पर भाजपा शिंदे गुट के पूर्व नगरसेवकों और पदाधिकारियों को सीधे प्रवेश दे रही है। इससे शिंदे गुट में आक्रोश व्याप्त है। इस बीच अब कल्याण डोंबिवली में शिंदे गुट के पदाधिकारियों ने रवींद्र चव्हाण पर निशाना साधा है और उनकी खिल्ली उड़ाते हुए एक कार्टून हर जगह सर्कुलेट किया है। कार्टून में यह दर्शाया गया है कि भाजपा ऐरे-गैरे, नत्थू-खैरे को पार्टी में प्रवेश दे रही है। शिंदे गुट के इस कारनामे से कल्याण-डोंबिवली में भाजपा और शिंदे गुट के बीच एक बार फिर बहस शुरू होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
बता दें कि राज्य में होने वाले स्थानीय निकाय के चुनाव प्रचार जोर पकड़ रहे हैं। पिछले कई सालों से कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे महायुति के कार्यकर्ता इस समय एक-दूसरे के नेताओं की खिल्ली उड़ा रहे हैं। कल्याण-डोंबिवली में यह लगातार महसूस किया जा रहा है। इसलिए भले ही भाजपा और शिंदे गुट के सीनियर स्तर के नेता कहते हैं कि हमारी नेचुरल महायुति है, लेकिन नीचे के कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोंक रहे हैं।
गौरतलब हो कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और डॉ. शिंदे के बीच मतभेद जगजाहिर है। दोनों नेता कल्याण-डोंबिवली क्षेत्र से आते हैं। इसलिए मनपा चुनाव में अपनी प्रतिष्ठा और लीडरशिप बचाने के लिए हर तरह का हथकंडा अपनाना शुरू कर दिया है। यानी एक दूसरे के पूर्व नगरसेवकों से लेकर पदाधिकारियों तक अपने-अपने दल में शामिल करने की होड़ लगी हुई है। हालांकि, अभी रवींद्र चव्हाण सबसे आगे हैं और उन्होंने शिंदे गुट के कई बड़े पुराने कॉर्पोरेटर और पदाधिकारियों को भाजपा में शामिल करवाया है। इसी वजह से भाजपा पर शिंदे के समर्थकों में आक्रोश दिखाई दे रहा है।
