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मनपा की लापरवाही से बढ़ा खतरा!

– मानसून से पहले पेड़ों की छंटाई अधूरी

-सड़कों पर मंडरा रहा हादसों का साया

द्रुप्ति झा / मुंबई

मानसून नजदीक है और ऐसे में बारिश के दिनों में कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए घने वृक्षों की छंटाई की जाती है, लेकिन मुंबई के कई क्षेत्रों में पेड़ों की घनी टहनियां अब भी सड़कों पर लटकती नजर आ रही हैं। वृक्षों के घने होने की वजह से सड़कों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल भी छिप गए हैं, जिससे वाहन चालकों को दुर्घटना का डर बना रहता है। अंधेरी, खार रोड, दादर और प्रभादेवी से ऐसी कई तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो संभावित हादसों को न्योता देती नजर आती हैं।
मानसून की दस्तक में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन मनपा का सुस्त रवैया एक बार फिर मुंबईकरों की जान जोखिम में डाल रहा है। हर साल दावों और वादों की झड़ी लगाने वाली मनपा इस बार मानसून-पूर्व तैयारियों में बुरी तरह पिछड़ती नजर आ रही है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में पेड़ों की छंटाई का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिसने अब एक बड़े खतरे का रूप ले लिया है।
घने वृक्षों के पीछे छिपे सिग्नल
सड़कों के किनारे लगे पेड़ इतने घने हो चुके हैं कि उन्होंने ट्रैफिक सिग्नलों को लगभग पूरी तरह ढंक दिया है। वाहन चालकों को दूर से यह दिखाई ही नहीं देता कि सिग्नल लाल है, पीला है या हरा। अंतिम समय पर सिग्नल दिखाई देने के कारण वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों के टकराने का खतरा बढ़ गया है।
कागजी दावे और जमीनी हकीकत शून्य
मनपा हर साल पेड़ों की छंटाई के लिए करोड़ों रुपए का बजट आवंटित करती है, लेकिन मानसून से ठीक पहले जमीनी स्तर पर काम या तो बंद है या बेहद धीमी गति से चल रहा है। भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान इन भारी-भरकम डालियों के टूटने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसा लगता है कि मनपा किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही उसकी नींद खुलेगी।
मानसून सिर पर, छंटाई का काम सुस्त
मनपा हर वर्ष पेड़ों की छंटाई पर करोड़ों रुपए खर्च करने का दावा करती है, लेकिन मानसून से पहले भी कई इलाकों में काम अधूरा पड़ा है। तेज बारिश और आंधी के दौरान भारी डालियां टूटकर गिर सकती हैं। नागरिकों का आरोप है कि मनपा समय रहते कार्रवाई करने के बजाय किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है।

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