श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में लाखों श्रद्धालुओं ने नववर्ष के प्रथम दिन लगाई हाजिरी,गंगा घाट भी रहे गुलजार, गंगा आरती में भी रही भारी भीड़
उमेश गुप्ता / वाराणसी
अंग्रेजी नववर्ष 2026 के पहले दिन उत्तर प्रदेश की पवित्र नगरी काशी (वाराणसी) में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर,मां अन्नपूर्णा मंदिर,संकटमोचन मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही खिली धूप और सुहावने मौसम ने वातावरण को और भी खुशनुमा बना दिया। लाखों भक्तों ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर नए साल की शुरुआत आशीर्वाद से की।
तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मंगला आरती से पहले ही हजारों भक्त कतारबद्ध हो गए। दिन चढ़ने के साथ कतारें और लंबी होती गईं। युवाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति देखी गई, जो हर-हर महादेव के जयकारों के साथ अपनी बारी का इंतजार करते रहे। मंदिर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए, जिसमें VIP दर्शन को स्थगित रखा गया ताकि सभी को समान अवसर मिले।
श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर, दुर्गाकुंड की मां कुष्मांडा, सारनाथ का सारंग महादेव, शूलटंकेश्वर और अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा। ठंड के बावजूद भोर से ही दर्शन के लिए लोग पहुंचने लगे।
मंदिरों में रिकॉर्ड तोड़ भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन व पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। ट्रैफिक डायवर्जन व अतिरिक्त बल तैनात कर सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
उधर, गंगा घाटों पर नववर्ष का जश्न अलग ही रंग में दिखा। सूर्योदय की लालिमा के बीच हजारों लोग घाटों पर जुटे और सजे-धजे नावों व स्टीमर पर सवार होकर नौकायन का आनंद लिया। गंगा के उस पार रेती पर परिवारों के साथ पिकनिक का माहौल रहा, जहां बच्चों ने घुड़सवारी व अन्य खेलों का लुत्फ उठाया।
नववर्ष के पहले दिन 1 जनवरी को अस्सी घाट पर दोपहर बाद अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। करीब तीन बजते-बजते हालात ऐसे हो गए कि घाट पर तिल रखने तक की जगह नहीं बची। नववर्ष को अवकाश का दिन मानकर लोग अपने परिजनों और बच्चों के साथ बड़ी संख्या में गंगा घाटों की ओर निकल पड़े, जिससे अस्सी घाट पर जनसैलाब उमड़ आया।
घाट की ओर आने वाले वाहनों की संख्या इतनी अधिक थी कि आसपास बने सभी वाहन स्टैंड पूरी तरह भर गए। दोपहिया और चारपहिया वाहनों को खड़ा करने तक की जगह नहीं बची, जिससे यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया। कई लोगों को अपने वाहन काफी दूर खड़े कर पैदल ही घाट तक पहुंचना पड़ा।
घाट पर पहुंचे लोगों ने गंगा दर्शन के साथ-साथ नाव की सैर का भी भरपूर आनंद लिया। गंगा नदी में नावें पूरी तरह फुल होकर चलती नजर आईं। परिवार के साथ आए लोग नाव से अस्सी घाट से दशाश्वमेध की ओर भ्रमण करते दिखे, वहीं बच्चे और युवा नववर्ष के उल्लास में तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए।
भीड़ बढ़ने के चलते घाट तक पहुंचने में लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सीढ़ियों और घाट के किनारों पर लगातार लोगों की आवाजाही बनी रही। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिसकर्मी लगातार घाटों पर चक्रमण करते रहे और लोगों को सुरक्षित तरीके से आवागमन करने की अपील करते रहे।
पुलिस की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में रही, हालांकि भारी भीड़ के कारण कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसा माहौल भी देखने को मिला। इसके बावजूद लोग पूरे उत्साह के साथ नववर्ष का स्वागत करते रहे। अस्सी घाट पर उमड़ी यह भीड़ एक बार फिर काशी की धार्मिक और पर्यटन पहचान को दर्शाती नजर आई, जहां नववर्ष के मौके पर देश-विदेश से आए श्रद्धालु और पर्यटक गंगा तट पर नया साल मनाने पहुंचे।
शाम को गंगा आरती में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। गंगा सेवा निधि की ओर से दशाश्वमेध घाट पर होने वाली दैनिक गंगा आरती में नाव वर्ष का भव्य स्वागत दीपों से 2026 सजाकर किया गया। नए साल के स्वागत के जश्न में कहीं माहौल खराब ना हो इसको लेकर वाराणसी पुलिस बुधवार की शाम से ही सक्रिय दिखी। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर सभी थाने की पुलिस सड़कों पर उतरकर जगह-जगह चेकिंग अभियान में लगी रही इसके साथ ही कहीं जाम की स्थिति न उत्पन्न हो इसको लेकर के भी पुलिस के जवान लगातार वाहनों से चक्रमण करते रहे।
शाम को गंगा आरती में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। गंगा सेवा निधि की ओर से दशाश्वमेध घाट पर होने वाली दैनिक गंगा आरती में नाव वर्ष का भव्य स्वागत दीपों से 2026 सजाकर किया गया। नए साल के स्वागत के जश्न में कहीं माहौल खराब ना हो इसको लेकर वाराणसी पुलिस बुधवार की शाम से ही सकरी देखी पुलिस आयुक्त के निर्देश पर सभी थाने की पुलिस सड़कों पर उतरकर जगह-जगह चेकिंग अभियान में लगी रही इसके साथ ही कहीं जाम की स्थिति न उत्पन्न हो इसको लेकर के भी पुलिस के जवान लगातार वाहनों से चक्रमण करते रहे।
