डंपरों ही नहीं, ऑटो चालकों की लापरवाही से हो रही दुर्घटनाएं
प्रेम यादव / भायंदर
मीरा-भायंदर शहर में डंपरों की तेज रफ्तार और ऑटो रिक्शा चालकों की अव्यवस्था ने मिलकर सड़कों को मौत का जाल बना दिया है। रविवार को भायंदर फ्लाईओवर ब्रिज पर जेप्टो कंपनी में काम करने वाला डिलीवरी बॉय गुड्डू डंपर की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि फ्लाईओवर पर दुर्घटनाओं की एक बड़ी वजह डंपरों की रफ्तार ही नहीं, बल्कि ऑटो रिक्शा चालकों की मनमानी भी है। ब्रिज के मुहाने पर ऑटो रिक्शा चालक समानांतर लाइन बनाकर सवारी का इंतजार करते हैं। इससे मेडतिया नगर, गीता नगर, गोल्डन नेस्ट, मीरा रोड और भायंदर फाटक की ओर से आने वाले वाहनों के लिए रास्ता बेहद संकरा हो जाता है। तेज ऱफ्तार डंपर और वाहन जब इस जगह से गुजरते हैं तो इस संकरी हो चुकी सड़क से पहले निकलने की होड़ में लग जाते हैं। जिससे हादसा होने की संभावना बढ़ जाती है। नागरिकों का कहना है कि इन रिक्शा चालकों की मनमानी के पीछे यूनियनों का संरक्षण है। एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि रिक्शा चालक बिना परमिट और लाइसेंस के धड़ल्ले से सड़क पर चल रहे हैं। पुलिस या तो चुपचाप तमाशा देखती है या फिर इनसे मिली हुई है। फ्लाईओवर पर लाइन लगाकर खड़े रिक्शा चालक दुर्घटनाओं की बड़ी वजह हैं। इनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
ऑटो रिक्शा चालकों पर एफआईआर क्यों नहीं
पुलिस ने डंपर चालक पर मामला दर्ज किया, लेकिन जितना दोषी डंपर चालक हैं उतने ही दोषी सड़क को अतिक्रमण कर संकरी बनाने वाले ऑटो रिक्शा चालक भी हैंै इसलिए इन पर भी एफआईआर क्यों दर्ज नहीं किया जा रहा है। अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में और निर्दोष लोग इस लापरवाही की भेंट चढ़ेंगे। गुड्डू की मौत ने एक बार फिर शहर की अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था और प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। डंपरों की तेज रफ्तार और फ्लाईओवर पर खड़े ऑटो रिक्शों की वजह से यह पुल मौत का स्पॉट बन चुका है।
पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल
फ्लाईओवर और मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस की २४ घंटे तैनाती क्यों नहीं है?
अवैध रिक्शा चालक और यूनियन की मनमानी पर कार्रवाई कब होगी?
और नागरिकों की जान जाने के बाद ही प्रशासन जागेगा क्या?
