सामना संवाददाता / मुंबई
फर्जी फिलिस्तीन प्रेमियों ने गाजा के पीड़ितों के लिए क्राउड फंडिंग के जरिए करोड़ों रुपए इकट्ठा किए। इसके बाद इस फंड का उन्होंने बाजा बजा दिया। करीब ६ करोड़ रुपए की रकम उन्होंने जमा की और फिर सारे रुपए अय्याशी में उड़ा दिए। मामला सामने आने के बाद पुलिस और एटीएस इसकी जांच कर रही है। हाल ही में यूपी एटीएस की सूचना पर भिवंडी से गिरफ्तार फर्जी फिलिस्तीन प्रेमियों से पूछताछ के बाद इस मामले का खुलासा हुआ है।
ठगी-देशद्रोह का मामला दर्ज
एटीएस से मिली जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों से एनआईए भी पूछताछ करेगी। एटीएस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ ठगी के अलावा देशद्रोह का भी मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों द्वारा इंस्टाग्राम और व्हॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए थे, उसकी भी डिटेल खंगाली जा रही है।
गाजा पीड़ितों का फंड पहुंच गया यूपी!
भुखमरी, त्रासदी के वीडियो दिखाकर मांगा था चंदा
यूपी एटीएस द्वारा भिवंडी में छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद जो जानकारी सामने आई है, वह बेहद सनसनीखेज है। पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने देश के २० राज्यों में क्राउड फंडिग स्वैâम किया है। बाद में यह पैसा गाजा की जगह यूपी पहुंच गया। इस स्वैâम में भोलीभाली जनता को मानवता के नाम पर इमोशनल कर करोड़ों रुपए की ठगी की गई।
असल में आरोपियों ने गाजा में हो रही भुखमरी, त्रासदी और छोटे-छोटे बच्चे, जो दूध के लिए तरस रहे हैं, उनके वीडियो से और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर उनकी मदद के लिए फंड इकट्ठा करने की मुहिम चलाई थी। आरोपी पैसे दान करने के लिए बाकायदा बैंक अकाउंट नंबर, यूपीआई और स्वैâनर सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर भेजने लगे। साथ ही भावनात्मक लोगों से अपील कर पैसे इकट्ठा करना शुरू किया। पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने क्राउड फंडिग के जरिए लगभग ६ करोड़ रुपए हासिल किए। फर्जी मुजाहिद्दीनों ने यह पैसा गाजा के पीड़ितों को नहीं भेजा, बल्कि अपनी अय्याशी में लुटा दिया। छानबीन में यह भी पता चला कि चंदे का पैसा यूपी के कुछ बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए और कुछ फंड विदेश में निकाले गए। एटीएस और सुरक्षा एजेंसियां यह पता करने में जुटी हैं कि पकड़े गए तीनों आरोपियों का कोई टेररिस्ट लिंक तो नहीं है? जांच में यह पता चला है कि आरोपियों ने फंड ट्रांसफर करने के लिए जो तरीका अपनाया वह तरीका वैश्विक अवैध नेटवर्क द्वारा उपयोग की जानेवाली तकनीक है। एटीएस यह भी पता करने में जुटी है कि पकड़े गए आरोपियों के संपर्क में और कितने लोग थे?
बता दें कि इंटेलिजेंस ब्यूरों ने यूपी पुलिस को सूचित किया था कि मुंबई के निकट भिवंडी से कुछ फर्जी मुजाहिद्दीन गाजा पीड़ितों के नाम पर फंड लेकर लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं। आईबी की सूचना पर एटीएस ने शनिवार को भिवंडी में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद यूपी एटीएस ने ट्रांजिस्ट रिमांड मांगा, ताकि लखनऊ ले जाकर आरोपियों से गहन पूछताछ की जा सके।
