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यूपी में तीसरी बार सरकार बनाने के लिए 50 से ज्यादा विधायकों की टिकट काटेगी भाजपा!

-4 मंत्री ऐसे जिन्हें टिकट मिला तो जमानत जप्त तय!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिये बड़ी सर्जरी होगी। पार्टी के आंतरिक समीक्षा की जो रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमितशाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक पूर्वी क्षेत्र अनिल जी व पश्चिमी क्षेत्र महेंद्र जी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को मिली है उसने भाजपा नेतृत्व को कड़ा निर्णय लेने को मजबूर किया है। यदि सर्वेक्षण के अनुसार, टिकट बदले गये तो भाजपा गठबंधन राज्य में तीसरी बार 275 प्लस के साथ लौटेगी। राष्ट्रीय नेतृत्व को मिली रिपोर्ट के बाद प्रदेश नेतृत्व को कड़े शब्दों में बता दिया गया है कि 20% वर्तमान विधायकों का टिकट काटे बिना तीसरी बार राज्य में सरकार बनाना मुश्किल होगा। गठबंधन दलों के आधे से ज्यादा विधायकों के टिकट बचना मुश्किल है। बताते हैं कि रिपोर्ट में उन विधायकों के नाम और सीट के साथ रिपोर्ट भेजी गयी है जिनके टिकट काटने हैं। इनमें ऐसे विधायक ज्यादा हैं जो दूसरे दलों से आकर भाजपा से टिकट प्राप्त कर विधायक हो गये लेकिन पूरे पांच वर्ष कार्यकर्ताओं और कार्यक्रम से दिखावे का संबंध रखे। इस सर्वेक्षण में यह बताया गया है कि संबंधित क्षेत्र में किस जाति, किस हैसियत और किस बाहुबली का प्रभाव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने प्रिय अधिकारियों को निर्देश दे दिया है कि किस जिले व क्षेत्र में इसकी क्रॉस चेकिंग करो। उन्होंने बड़ी संख्या में टिकट कटने की प्रक्रिया को संगठन पर छोड़ दिया है। उनसे अपेक्षा की गयी है कि आपको जो भी प्रत्याशी दिये जायेंगे क्षेत्र में उनका भी खुद का वजूद होगा। इस सर्वेक्षण में अयोध्या से ब्राह्मण प्रत्याशी लड़ाने की सिफारिश की गयी है। जबकि सपा ने वहां से पहले ही ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है।बसपा से आकर वेद प्रकाश गुप्ता दो बार से भाजपा से विधायक हो रहे हैं।
गोरखपुर क्षेत्र के प्रॉपर्टी के धंधे से जुड़े विधायकों की वापसी 50-50 है। कुछ को परिस्थितियों के अनुसार (विपक्ष के प्रत्याशी को देखते हुये) दोबारा टिकट मिल सकता है। लेकिन जो पूरी विधायकी ठेकेदारी और प्रॉपर्टी को समर्पित कर दिया उनकी पुनः वापसी मुश्किल है। प्लाट काट कर या प्लेन से घुमा कर टिकट प्राप्त करने वाले बदनाम नेताओं को टिकट काटने की सूचना दे दी गयी है। हर क्षेत्र में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ी है। सर्वेक्षण सूत्रों के अनुसार 4 मंत्री ऐसे हैं जिन्हें उनके चुनावी क्षेत्र कक जनता जमानत जप्त कराने का इंतजार कर रही है। भाजपा नेताओं के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर राज्य में कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है। चुनाव के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमितशाह की रणनीति धरातल पर जो तूफान पैदा करता है उससे भाजपा में रसातल पहुंच चुके लोग बहुत बार आसमान पर पहुंच कर चमकने लगते हैं। संविधान, यूजीसी और आरक्षण की चर्चा से पार्टी को बचने का सुझाव दिया गया है। जिन विधायकों की चरित्र पंजिका में भ्रष्टाचार से जुड़े विवाद ज्यादा दर्ज हो चुका है, क्षेत्र में जिनके कार्यों से ज्यादा कारनामों के हो रहे हैं उनकी विदाई तय है। अब तक 50 से 55 लोग निशाने पर आ चुके हैं जिन्हें भाजपा दोबारा टिकट नहीं देगी। शख्ती इतनी होगी कि बहुत कोशिश के बाद मुश्किल से 8-10 लोग अपना टिकट बचा पावें। सबको बता दिया जायेगा कि पार्टी रहेगी तो आपको फिर अवसर देगी। विधानसभा में भाजपा के 257 और उसके सहयोगी दलों अपना दल (सोनेलाल) 13, राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) 9, सुभासपा 6, निषाद पार्टी 5, असम्बद्ध/अन्य 3 सदस्य हैं। सर्वेक्षण में केंद्र व राज्य सरकार के रिटायर्ड खुफिया अधिकारियों को भी रखा गया है। उनके श्रोतों से जो सूचनाएं मिली हैं वह अत्यंत संवेदनशील है।

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