नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस पार्टी सत्ताधारी एनडीए सरकार को छोड़ने के मूड में नहीं है। राहुल गांधी ने एक बार फिर इस मामले को उठाते हुए केंद्र पर निशाना साधा है। साथ ही सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब लाखों युवा सड़कों पर हैं और २२ लाख बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हो, तब भी पीएम मोदी चुप हैं। विपक्षी पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मांग की है। साथ ही परीक्षा पेपर लीक होने की घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने का आह्वान किया है।
राहुल गांधी ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और नीट जैसे पेपर लीक को रोकने के लिए एक पुख्ता व्यवस्था नहीं बन जाती, तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे। राहुल ने मोदी सरकार पर पेपर लीक माफिया को फलने-फूलने का मौका देने का आरोप लगाया है। राहुल ने कहा कि नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है। मोदी सरकार के राज में पेपर लीक माफिया फल-फूल रहा है, जबकि इसके लिए जिम्मेदार लोग मूकदर्शक बने हुए हैं।
राहुल ने कहा कि जब मोदी जी इटली में टॉफियां बांटते हुए रील बना रहे थे, तब भारत में पेपर लीक से परेशान युवा, न्याय की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आए थे, क्योंकि नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को बर्बाद कर दिया है। कई बच्चों ने तो अपनी जान भी गंवा दी है। मोदी जी ने न तो कोई जिम्मेदारी ली, न ही धर्मेंद्र प्रधान को हटाया, और न ही एक शब्द भी बोला।
शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा
राहुल गांधी ने कहा, ‘जो सरकार छात्रों के सवालों का जवाब लाठियों से देती है, वह जवाबदेही पर नहीं चलती, वह डर पर चलती है, लेकिन हम डरने वालों में से नहीं हैं। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। यह लड़ाई हर उस छात्र के लिए है जिसका भविष्य इस नाकाम सरकार ने छीन लिया है।’
