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महाराष्ट्र के परिवार का काशी में कारुणिक अंत, बीमारी से पिता की मौत के बाद मां-बेटे ने की खुदकुशी

-7 अगस्त को वाराणसी आया था परिवार, बंद कमरे में मिले मां-बेटे के शव

उमेश गुप्ता / वाराणसी

महाराष्ट्र से काशी दर्शन-पूजन के लिए आए एक परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि पति की बीमारी से मौत के बाद पत्नी और बेटे की भी संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई। लक्सा क्षेत्र स्थित एक होमस्टे के कमरे में सोमवार रात दोनों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में दोनों के सल्फास खाने से आत्महत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र निवासी व्यापारी विशाल मुखर्जी (56) अपनी पत्नी जया मुखर्जी (51) और बेटे ईशान मुखर्जी (25) के साथ पांच अगस्त को वाराणसी पहुंचे थे। परिवार ने श्री काशी विश्वनाथ धाम सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन किया और गंगा आरती में भी शामिल हुआ। बताया जा रहा है कि गंभीर बीमारी से पीड़ित विशाल की सावन में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने की अंतिम इच्छा थी।
शनिवार रात अचानक विशाल की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रविवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद पत्नी और बेटे ने काशी में ही उनका अंतिम संस्कार किया।
पुलिस के मुताबिक, विशाल की मौत के बाद जया और ईशान गहरे सदमे में थे। सोमवार रात लक्सा स्थित होमस्टे के कमरे का दरवाजा काफी देर तक नहीं खुला तो संचालक ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के भीतर मां और बेटे के शव पड़े मिले।
प्रारंभिक जांच में दोनों द्वारा सल्फास खाने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना की जानकारी मृतकों के परिजनों को दे दी गई है।
काशी जोन के अपर पुलिस उपायुक्त वैभव बांगर ने बताया कि विशाल मुखर्जी की मृत्यु गंभीर बीमारी के कारण हुई थी। इसके बाद परिवार गहरे सदमे में था। प्रथम दृष्टया मां और बेटे द्वारा दाह संस्कार के बाद होटल के कमरे में सल्फास खाने की बात सामने आ रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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