-नहीं चाहते हैं मरने के बाद बच्चों को हो परेशानी
-साफ-सफाई के साथ ही पेड़ों को देते हैं पानी
भला जीते जी कोई अपनी कब्र बनवाता है, लेकिन मौत के खौफ से बेखौफ तेलंगाना के जगतियाल जिले में रहनेवाले एक ८० वर्षीय शख्स नक्का इंद्रैया ने मरने से पहले अपना इंतजाम खुद कर लिया है, ताकि उनके मरने के बाद बच्चों को कोई दिक्कत न हो।
मिली जानकारी के मुताबिक, जगतियाल जिले के रहनेवाले नक्का इंद्रैया ने १२ लाख रुपए की लागत से लक्ष्मीपुरम गांव में अपनी पत्नी की कब्र के बगल में अपनी कब्र बनवाई है। कब्र वाली जगह पर उन्होंने एक पट्टिका भी लगवाई है, जिस पर जीवन और मृत्यु की सच्चाई के बारे में संदेश लिखा है। ग्रेनाइट पत्थरों से बनी कब्र के पास वो न केवल जाते हैं, बल्कि साफ-सफाई करने के साथ ही वहां लगे पेड़ों को भी पानी देते हैं।
दार्शनिक अंदाज में मौत अटल है और कोई भी अपने साथ धन-दौलत नहीं ले जा सकता कहनेवाले इंद्रैया ने बताया कि मैंने चार-पांच घर, एक स्कूल और एक चर्च बनवाया है और अब अपनी कब्र भी। मैं बहुत खुश हूं। कब्र बनवाने से कई लोगों को दुख होता है, लेकिन मैं खुश हूं।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी रोज की आदत है कि वे उस जगह जाते हैं जहां कब्र बनी है। इस दौरान वे आसपास की सफाई करने के साथ ही पौधों को पानी देते हैं और कुछ देर के लिए वहां बैठ भी जाते हैं। परिवार में नौ शादियां करवानेवाले चार बच्चों के पिता इंद्रैया ने कहा कि मेरे मरने पर बच्चों को दिक्कत न हो, इसलिए मैंने अपनी कब्र खुद बनवाई है।
