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अंडरवर्ल्ड सीक्रेट : जब पुलिस ने दी थी डॉन को `सुपारी!’ … एक मर्डर केस ने खोली थी `खाकी’ और अपराध की पोल

सूरज सिंह
यही वह मामला था, जिसने बड़ा राजन को पहली बार सार्वजनिक रूप से सुर्खियों में ला दिया। इस घटना के बाद अंडरवर्ल्ड ने उसकी क्षमताओं और निर्दयता को गंभीरता से लेना शुरू किया।
१९७६ का वह दौर मुंबई के अंडरवर्ल्ड और पुलिस तंत्र के आपसी संबंधों की एक चौंकाने वाली कहानी को उजागर करता है। इस घटना के केंद्र में था राजन नायर जिसे अंडरवर्ल्ड में ‘बड़ा राजन’ के नाम से जाना जाता था। वह चेंबूर के तिलकनगर इलाके का प्रभावशाली गुंडा था और माटुंगा के कुख्यात वरदाभाई के अवैध शराब कारोबार को संरक्षण देने का काम करता था। उस समय बड़ा राजन के तिलकनगर पुलिस स्टेशन के एक सहायक पुलिस निरीक्षक के साथ काफी घनिष्ठ संबंध थे। यही संबंध आगे चलकर एक संगीन अपराध की वजह बना। उस निरीक्षक के परिवार में एक गंभीर निजी विवाद चल रहा था। उसकी विवाहित बेटी के साथ उसके ही साले (पत्नी के भाई) के अनैतिक संबंध थे, जिससे परिवार में तनाव पैदा हो गया था। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए उस निरीक्षक ने कानून का दुरुपयोग करते हुए एक खतरनाक साजिश रची। निरीक्षक ने अपने प्रभाव और पद का इस्तेमाल करते हुए इस ‘समस्या’ का समाधान करने के लिए बड़ा राजन को `सुपारी’ दी। योजना के तहत, पहले एक मामूली अपराध में बड़ा राजन को गिरफ्तार कर तिलकनगर पुलिस लॉकअप में बंद कर दिया गया, ताकि उस पर किसी को शक न हो। इसके बाद एक सुनियोजित तरीके से निरीक्षक ने उसे लॉकअप से बाहर निकाला। लॉकअप से बाहर आने के बाद बड़ा राजन ने निरीक्षक के साले (पत्नी के भाई) की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने बड़ी सावधानी से शव को ठिकाने भी लगा दिया, ताकि कोई सबूत न बचे। अपराध को अंजाम देने के बाद वह दोबारा पुलिस लॉकअप में लौट आया, मानो वह पूरे समय हिरासत में ही था। यह पूरी घटना इतनी सुनियोजित थी कि पहली नजर में किसी को शक होना मुश्किल था।
पुलिस अधिकारी और अंडरवर्ल्ड के गठजोड़
इस साजिश का पर्दाफाश एक अप्रत्याशित तरीके से हुआ। निरीक्षक की बेटी के ससुर को इस मामले में संदेह हुआ और उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद जब मामले की गहन जांच की गई, तो धीरे-धीरे पूरी सच्चाई सामने आ गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हत्या कोई सामान्य अपराध नहीं, बल्कि पुलिस अधिकारी और अंडरवर्ल्ड के गठजोड़ का नतीजा थी। इस मामले में संबंधित सहायक पुलिस निरीक्षक और बड़ा राजन, दोनों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।

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