द्रुप्ति झा / मुंबई
आर्थिक राजधानी मुंबई में मनपा द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विक्रोली स्थित क्रांतिवीर महात्मा ज्योतिबा फुले अस्पताल का आईसीयू पिछले नौ महीनों से बंद पड़ा है। इसको लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है। रविवार को बढ़ते जनाक्रोश के बीच मुंबई की मेयर रितु तावडे को अस्पताल का दौरा करना पड़ा।
अस्पताल में आवश्यक सुविधाओं के अभाव और आईसीयू बंद रहने से नाराज स्थानीय निवासियों ने परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। मेयर के अस्पताल पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने मनपा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अस्पताल में डॉक्टरों, कर्मचारियों तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर आपातकालीन उपचार नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि अस्पताल की इस गंभीर समस्या के बावजूद प्रशासन लंबे समय तक उदासीन बना रहा।
मेयर ने दिया जल्द शुरू करने का आश्वासन
विरोध प्रदर्शन के दौरान मेयर रितु तावडे ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि अस्पताल का आईसीयू जल्द से जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देने की बात कही। हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आईसीयू लंबे समय से बंद है और अब तक इसे शुरू नहीं किया जा सका है। ऐसे में केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका मानना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रशासन को ठोस और समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।
नागरिकों ने मांग की है कि अस्पताल में आईसीयू सेवा शीघ्र शुरू की जाए, डॉक्टरों और कर्मचारियों की रिक्तियां भरी जाएं तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
