मुख्यपृष्ठसमाचारघर में ही असुरक्षित मातृशक्ति, न्याय की आस में भटकती महिला

घर में ही असुरक्षित मातृशक्ति, न्याय की आस में भटकती महिला

राजेश सरकार

प्रयागराज। एक 41 वर्षीय महिला की आपबीती ने समाज और व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सराय इनायत थाना क्षेत्र के बगईकला गांव की निवासी माधुरी पटेल ने अपने ही परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है।

माधुरी का कहना है कि वह विवाह करना चाहती है, लेकिन उसके माता-पिता, भाई और भाभी हर रिश्ते को यह कहकर ठुकरा देते हैं कि शादी में खर्च होगा। वहीं दूसरी ओर उससे जमीन अपने नाम करा ली जाती है।

माधुरी के अनुसार, बीते 20 वर्षों से उसे परिवार से अलग-थलग कर दिया गया है। उसने आरोप लगाया कि परिजन न केवल मानसिक उत्पीड़न करते हैं, बल्कि गाली-गलौज और मारपीट तक करते हैं। 27 अप्रैल को घर में घुसकर उसके साथ मारपीट करने का भी आरोप है।

ग्रेजुएशन और डीएलएड कर चुकी माधुरी स्वयं मेहनत कर जीवनयापन कर रही है। वह स्कूल में पढ़ाने के साथ-साथ कपड़ों की दुकान और ब्यूटी पार्लर में काम कर रही है। इसके बावजूद परिवार की ओर से उसे न तो आर्थिक और न ही भावनात्मक सहयोग मिला है।

माधुरी ने पुलिस और प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसकी शादी किसी योग्य व्यक्ति से कराई जाए, ताकि वह सम्मानजनक जीवन जी सके।

उसने यह भी बताया कि उसकी दो छोटी बहनों की उम्र क्रमश 37 वर्ष और 34 वर्ष हो चुकी है, लेकिन उनकी भी शादी अब तक नहीं हुई है।

यह मामला न केवल एक महिला के अधिकारों पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि महिला सुरक्षा के दावों वाली व्यवस्था की जमीनी हकीकत को भी उजागर करता है, जहां मातृशक्ति अपने ही घर में असुरक्षित महसूस कर रही है और न्याय के लिए भटकने को मजबूर है।

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