मुख्यपृष्ठनए समाचार१७ वरिष्ठ वकीलों ने उठाई आवाज... फर्जी मुठभेड़ में मारा गया रोहित!

१७ वरिष्ठ वकीलों ने उठाई आवाज… फर्जी मुठभेड़ में मारा गया रोहित!

-पवई एनकाउंटर के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर

-राजनीतिक इशारे पर हत्या किए जाने का किया दावा

सामना संवाददाता / मुंबई

पवई में हुए एनकाउंटर में रोहित आर्य नामक शख्स की मौत हो गई थी। रोहित पर बच्चों को किडनैप करने का आरोप है। अब गत सोमवार को १७ वकीलों ने मुंबई हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की, जिसमें इस मामले को उठाते हुए कहा गया है कि रोहित को फर्जी मुठभेड़ में मारा गया।
बता दें कि ५० वर्षीय रोहित ने ३० अक्टूबर को पवई के एक स्टूडियो में १७ बच्चों सहित २० लोगों को बंधक बनाया था। फिल्म निर्माता आर्य ने बच्चों को ऑडिशन के बहाने आरए स्टूडियो में बुलाया और फिर उन्हें अंदर बंद कर दिया और स्टूडियो में आग लगाने की धमकी दी। घंटों की बातचीत के बाद, पुलिस ने परिसर में धावा बोला और सभी बंधकों को सुरक्षित बचा लिया। इस कार्रवाई के दौरान पवई पुलिस के आतंकवाद-रोधी प्रकोष्ठ के एपीआई अमोल वाघमारे ने मुठभेड़ के दौरान आर्य को गोली मार दी। पुलिस के अनुसार, आर्य द्वारा बच्चों की मौजूदगी में उस पर बंदूक तानने के बाद वाघमारे ने गोली चला दी। बाद में पता चला कि आर्य के पास एक एयर गन थी। याचिकाकर्ता, अधिवक्ता शोभा बुद्धिवंत ने कहा कि राजनीतिक नेताओं के इशारे पर आर्य को खत्म करने के लिए आत्मरक्षा के बहाने फर्जी मुठभेड़ की गई। यह संवैधानिक आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि इससे जनता की चेतना क्षुब्ध हुई है और पुलिस बल में विश्वास कम हुआ है। उन्होंने कहा है कि मामले के वास्तविक तथ्यों को सामने लाना आवश्यक है।
२ करोड़ रुपए बकाया था
अधिवक्ता नितिन सातपुते के जरिए दायर अपनी याचिका में, बुद्धिवंत ने इस बात पर जोर दिया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आर्य एक सरकारी स्कूल परियोजना अनुबंध की बकाया राशि का भुगतान न किए जाने से संबंधित गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहा था। आर्य ने कथित तौर पर दावा किया था कि राज्य सरकार पर उसका लगभग २ करोड़ रुपए बकाया है और इस मामले को लेकर उसने पहले भी विरोध प्रदर्शन किए थे, जिसमें पूर्व शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर के आवास के पास भूख हड़ताल भी शामिल थी।

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