मुख्यपृष्ठसमाचारसरकारी अस्पतालों में ४० प्रतिशत पद रिक्त

सरकारी अस्पतालों में ४० प्रतिशत पद रिक्त

-महायुति सरकार में बिगड़ रही राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था

-भर्ती के दावों के बावजूद मरीजों को नहीं मिल

-रहीं सुविधाएं, विपक्ष का सरकार पर जोरदार हमला

-उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए वर्तमान में दिया जा रहा १.६० करोड़ रुपए का बजट अपर्याप्त है। इसे बढ़ाकर कम से कम ५ करोड़ रुपए किया जाना चाहिए, क्योंकि कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ४० से ५० गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं का भार संभाल रहे हैं।

सामना संवाददाता / मुंबई

राज्य में महायुति सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। सरकार अस्पतालों में रिक्त पदों पर भर्ती के बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के पद अब भी खाली पड़े हैं। इसका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। महाराष्ट्र विधानसभा में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला।
प्रश्नोत्तर काल के दौरान वडेट्टीवार ने कहा कि ग्रामीण अस्पतालों का उन्नयन तो कर दिया गया, लेकिन वहां आवश्यक डॉक्टरों और कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई। उन्होंने ब्रह्मपुरी अस्पताल का उदाहरण देते हुए बताया कि १०० बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए ८३ नए पदों का प्रस्ताव पिछले दो वर्षों से मंत्रालय में लंबित है। भवन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई अस्पतालों और स्वास्थ्य परियोजनाओं का ५० से ७० प्रतिशत काम पूरा होने के बावजूद केवल धन की कमी के कारण वे अधूरे पड़े हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग में लगभग ४० प्रतिशत पद रिक्त हैं। नए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में भी नियुक्तियां नहीं हो रही हैं। वडेट्टीवार ने मांग की कि इन परियोजनाओं के लिए तत्काल धन उपलब्ध कराया जाए तथा ग्रामीण अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्राथमिकता दी जाए। विधान भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बिगाड़ रही है।
कोरोना काल का बकाया भुगतान अब तक नहीं
कांग्रेस नेता ने कोरोना महामारी के दौरान जान जोखिम में डालकर काम करने वाली आंगनवाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और संविदा कर्मियों के लंबित विशेष भत्तों तथा अन्य बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सरकार से सभी कर्मचारियों का बकाया तत्काल जारी करने की मांग की। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर ने जवाब में स्वीकार किया कि ब्रह्मपुरी समेत कई अस्पतालों में रिक्त पदों की समस्या है। उन्होंने बताया कि राज्य में १,४०० डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है तथा नए स्वीकृत पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएंगी।

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