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मोदी नाम का पत्ता खिसका … तो भाजपा के ताश के पत्तों का महल ढह जाएगा …राज ठाकरे का भाजपा पर जोरदार हमला

सामना संवाददाता / ठाणे
भाजपा इस समय बेहद गंदी राजनीति कर रही है। जनता में उसके प्रति भारी नाराजगी है। जैसे ताश का महल बनाया जाता है, वैसे ही भाजपा की सत्ता का ढांचा खड़ा है। उस महल का सबसे नीचे का पत्ता नरेंद्र मोदी हैं। जिस दिन वह पत्ता खिसक गया, उसी दिन भाजपा का पूरा ताश का महल भर-भराकर गिर जाएगा। भाजपा पर ऐसा जोरदार हमला महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने बोला।

तोड़-फोड़ की राजनीति का नुकसान भुगतेगी भाजपा … बीजेपी के भीतर भी शुरू हो गया है विरोध -राज ठाकरे

सामना संवाददाता / ठाणे
ठाणे के सीकेपी हॉल में आयोजित पत्रकार परिषद में राज ठाकरे ने महाराष्ट्र और देश की राजनीति पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है, जब भी किसी सत्ताधारी दल ने विपक्ष को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश की, तब उसी दल के भीतर नए विरोधी पैदा हो गए। भाजपा में भी अब यही प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान भी ऐसा ही हुआ था और भविष्य में भाजपा को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी व्यक्ति या दल सत्ता का स्थायी पट्टा लेकर नहीं आता। लेकिन आज जो राजनीतिक परंपरा बनाई जा रही है, वह भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक है। यदि राजनीतिक दलों और नेताओं को इसका एहसास नहीं है तो आनेवाली पीढ़ियों की चिंता स्वाभाविक है।
राज ठाकरे ने कहा कि राजनीति आती-जाती रहती है, लेकिन सवाल यह है कि हम महाराष्ट्र, देश और उसकी राजनीति को किस दिशा में ले जा रहे हैं। उन्होंने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि आखिर कब तक दलों और नेताओं को तोड़ते रहेंगे? कल जब सत्ता आपके हाथ से निकल जाएगी, तब यही राजनीति आपके खिलाफ भी इस्तेमाल होगी। तब आप क्या करेंगे?
उन्होंने कहा कि असली समस्या खरीदने वालों की नहीं, बल्कि बिकने वालों की है। यदि लोग खुद को बेचने के लिए तैयार हैं तो खरीदार भी मिल ही जाएंगे। यह बेहद भयावह राजनीति है और एक दिन इसका दुष्परिणाम भाजपा को भी भुगतना पड़ेगा।
‘यह अमित शाह की राजनीतिक रणनीति है’
शिवसेना के छह सांसदों के गद्दार गुट में जाने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए राज ठाकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि यदि ये सांसद भाजपा में नहीं गए तो उन्हें अलग गुट में क्यों शामिल किया गया? उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के २२ सांसदों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके लिए भी अलग गुट बनाया गया था।

राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि यह पूरी रणनीति अमित शाह की है। उनका कहना था कि यदि भविष्य में अमित शाह प्रधानमंत्री पद का दावा करते हैं और भाजपा के कुछ सांसद उनका विरोध करते हैं तो बाहर से आए ऐसे सांसद उनके समर्थन में मतदान के लिए उतारे जाएंगे। इसी सोच के तहत यह पूरी राजनीतिक रणनीति अपनाई जा रही है।

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