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मूसलाधार बारिश से जुलाई की शुरुआत

-अगले तीन दिन झमाझम बारिश

-ऑरेंज अलर्ट जारी

-भारी बारिश के बावजूद मुंबई में जून का महीना सामान्य से काफी सूखा रहा। कोलाबा में सामान्य जून वर्षा का ८१ प्रतिशत और सांताक्रुज में ७७ प्रतिशत बारिश दर्ज हुई। अब जुलाई के पहले सप्ताह में अत्यधिक बारिश की आशंका ने जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ा दिया है।

सामना संवाददाता / मुंबई

जुलाई का पहला दिन मुंबई के लिए झमाझम बारिश लेकर आया। मौसम विभाग ने महानगर में ४ जुलाई तक झमाझम बारिश की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान जहां गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, वहीं कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश होने की संभावना है। ४ जुलाई को मूसलाधार बारिश और जलभराव का खतरा अधिक बताया गया है।
रात से जारी बारिश के कारण अंधेरी सबवे में पानी भर गया और उसे वाहनों के लिए बंद करना पड़ा। पश्चिमी उपनगरों की कई सड़कों पर यातायात धीमा रहा। हालांकि, लोकल ट्रेन और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सामान्य रूप से चलने की सूचना है।
जून में अपेक्षा से कम बारिश दर्ज होने के बाद जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून के अचानक तेज होने की संभावना है। जून में कोलाबा में औसत की लगभग ८१ प्रतिशत और सांतक्रुज में ७७ प्रतिशत बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, पेड़ गिरने, दीवार ढहने और यातायात बाधित होने का खतरा है। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले रास्तों पर न जाने और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की अपील की है। मुंबई के लिए अगले चार दिन केवल बारिश के नहीं, बल्कि महानगर की मानसून तैयारियों की भी परीक्षा हो जाएगी।
फिर कटघरे में मानसून की तैयारी
जुलाई की शुरुआत में हुई तेज बारिश ने एक बार फिर महानगर की मानसून तैयारियों की पोल खोल दी। अंधेरी सबवे में पानी भरने से यातायात रोकना पड़ा, जबकि कई निचले इलाकों में सड़कों पर जलजमाव और लंबा जाम लगा। हर वर्ष नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों और जलनिकासी व्यवस्था पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद कुछ घंटों की बारिश में शहर ठप पड़ जाता है। पेड़ गिरने, खुले मैनहोल और जर्जर ढांचों का खतरा भी बना हुआ है। जनमानस का सवाल है कि क्या बीएमसी की तैयारी केवल दावों और बैठकों तक ही सीमित है?

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