-किसान नेता राजू शेट्टी ने लगाया आरोप जनता पर ८६ हजार करोड़ का बोझ डाल रही है सरकार
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की महायुति सरकार बड़ी-बड़ी परियोजनाओं की आड़ में बड़े-बड़े घोटाले कर रही है। शक्तिपीठ महामार्ग के प्रस्ताव को मंजूरी देकर भूमि अधिग्रहण के लिए तैयारी दर्शाई है, जिसका विरोध राज्यभर में अलग-अलग जगह किसान और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से किया जा रहा है। इस परियोजना में लगभग ५०,००० करोड रुपए घोटाले का आरोप पूर्व सांसद और स्वाभिमानी किसान संघटना के अध्यक्ष राजू शेट्टी ने लगाया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आनेवाले तमाम किसान लगातार शक्तिपीठ महामार्ग का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ खास लोगों की वजह से इसे कोल्हापुर से होकर नहीं ले जाया जा रहा है।
राजू शेट्टी ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वर्तमान नागपुर-रत्नागिरी महामार्ग पहले से मौजूद है, फिर भी नए महामार्ग की जरूरत बताई जा रही है? क्या यह ५० हजार करोड़ रुपए के घोटाले के लिए किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि वर्तमान रत्नागिरी-नागपुर महामार्ग पहले से ही है तो उसी का विस्तार क्यों नहीं किया जा रहा? शेट्टी ने दो नक्शे भी प्रस्तुत किए हैं, जिनमें मौजूदा नागपुर-रत्नागिरी महामार्ग और प्रस्तावित शक्तिपीठ महामार्ग को दिखाया गया है।
राजू शेट्टी ने कहा है कि ८६ हजार करोड़ रुपए का बोझ जनता पर डालनेवाला शक्तिपीठ महामार्ग रत्नागिरी-नागपुर महामार्ग के समानांतर है। इन दोनों महामार्गों के बीच न्यूनतम दूरी केवल २ किलोमीटर और अधिकतम दूरी ३० किलोमीटर है। ये दोनों मार्ग महाराष्ट्र के १२ जिलों से होकर समानांतर रूप से गुजरते हैं। यह नक्शे से साफ दिखाई देता है। भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर वर्तमान रत्नागिरी-नागपुर महामार्ग को ही चौड़ा किया जा सकता है, फिर नया महामार्ग बनाने की जरूरत क्या है?
