सामना संवाददाता / पटना
पटना एक बार फिर युवाओं की आवाज से गूंज उठा। इस बार मुद्दा था डोमिसाइल नीति की मांग यानी बिहार के युवाओं को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने की नीति। बिहार के अलग-अलग हिस्सों से आए हजारों छात्रों ने पटना कॉलेज से मार्च निकालकर डाकबंगला चौराहे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा सांसद की गाड़ी डाक बंगला चौरहे से गुजर रही थी, सांसद की गाड़ी को देख वहां पहले से मौजूद स्टूडेंट्स गाड़ी रोकने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने बल का प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज के दौरान आधे दर्जन से अधिक स्टूडेंट्स घायल हुए हैं। कई की गिरफ्तारी हुई है।
डोमिसाइल नीति लागू करने को लेकर प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो कई पुलिसकर्मियों के हाथ में लाठी नहीं था लात-घूंसे से स्टूडेंट्स की पिटाई करने लगे। पुलिस की पिटाई से घबराकर डाकबंगला चौराहा पर अफरातफरी का माहौल बन गया। लोग इधर-उधर भागने लगे। लगभग ३ घंटे के मशक्कत के बाद यातायात सामान्य हो सका। बताते दें कि डाकबंगला चौरहा से कदम कुआं की तरफ जाने वाले एक लेन पूरी तरह से स्टूडेंट्स ने बंद कर दिया था। छात्रों की सीधी मांग है कि बिहार में शिक्षक नियुक्ति परीक्षा यानी टीआरई ४ सहित तमाम सरकारी नौकरियों में डोमिसाइल नीति लागू की जाए, ताकि बिहार के मूल निवासी युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिल सके। उनका तर्क है कि दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी बिहार आकर नौकरियों पर काबिज हो रहे हैं, जिससे राज्य के स्थानीय छात्र बेरोजगार रह जा रहे हैं।
