बैठक करके दी चेतावनी समिति करे फैसला वरना बुरा होगा
सामना संवाददाता / मुंबई
महायुति सरकार में फंड वितरण को लेकर समय-समय पर विवाद होते रहे हैं। तीनों घटक दलों भाजपा, दादा गुट और शिंदे गुट के विधायकों और मंत्रियों ने बार-बार इस मुद्दे को पार्टी नेतृत्व के सामने उठाया है, लेकिन अब यह विवाद बढ़ता नजर आ रहा है।
शिंदे गुट के विधायकों ने खुलकर नाराजगी जाहिर की है। सरकार को चेताया भी है कि महायुति के समन्वय समिति में इस पर फैसला हो, अन्यथा बुरा होगा। महायुति में दादा गुट और शिंदे गुट के लोग फंड के फंदे में उलझते जा रहे हैं।
इस मामले में शिंदे गुट के मंत्रियों की एक अहम बैठक हुई। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, निधि वितरण को लेकर उठ रही नाराजगी का निवारण शिंदे गुट चाहता है। शिंदे गुट का आरोप है कि दादा के पास वित्त विभाग होने के नाते उनके मंत्रियों और विधायकों को अधिक फंड दिया जा रहा है। इस विवाद को टालने के लिए शिंदे गुट के मंत्रियों ने समान निधि फॉर्मूले पर सहमति जताई है और समन्वय समिति को इस पर पैâसला लेने का सुझाव दिया है। बता दें कि महायुति सरकार में फंड को लेकर अक्सर तनाव देखने को मिला है और भाजपा तथा अजीत पवार गुट के विधायकों को और मंत्रियों को जमकर फंड मिलते हैं, लेकिन शिंदे गुट को फंड के मामले में दबाया जा रहा है, ऐसा आरोप शिंदे गुट के मंत्री व विधायक कई बार लगा चुके हैं।
