-केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ शुरू किया हस्ताक्षर अभियान
-शाह ने जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को बताया था नक्सलवाद समर्थक
-उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस वक्त रिटायर्ड जजों के निशाने पर हैं। देश के १८ रिटायर्ड जज उनके ऊपर भड़के हुए हैं और उनके खिलाफ हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की है। असल में जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार हैं। शाह ने उनके ऊपर टिप्पणी करते हुए उन्हें नक्सलवाद समर्थक बताया था। इस पर ये रिटायर्ड जज नाराज हो गए हैं। सलवा जुडूम मामले में फैसले को लेकर शाह ने दो दिन पहले ही जस्टिस बी. सुदर्शन पर आरोप लगाया था।
पूर्व जजों को रास नहीं आई ‘सलवा जुडूम’ पर शाह की टिप्पणी!
इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के खिलाफ अमित शाह की टिप्पणी, पूर्व जजों को रास नहीं आई है। सलवा जुडूम को लेकर जस्टिस रेड्डी के एक पुराने पैâसले को आधार बनाकर शाह ने टिप्पणी की थी। जस्टिस रेड्डी, जस्टिस एसएस निज्जर के साथ सुप्रीम कोर्ट की उस पीठ का हिस्सा थे, जिसने जुलाई २०११ में सलवा जुडूम को खत्म करने का आदेश दिया था। जस्टिस रेड्डी ने निर्णय दिया था कि माओवादी विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में आदिवासी युवकों को विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में इस्तेमाल करना अवैध और असंवैधानिक है। अब अमित शाह ने इसी बात को उठाया है। अब देश के १८ रिटायर्ड जजों ने अमित शाह को पत्र लिखकर हस्ताक्षर अभियान चलाकर उनकी टिप्पणी का विरोध किया है।
