हिमांशु राज
अमेजन के चर्चित शो राइज़ एंड फॉल के ताजा एपिसोड में अर्जुन बिजलानी का मानवीय और अलग अंदाज एक बार फिर सभी का ध्यान खींच लाया। अर्जुन ने यह साफ तौर पर साबित किया कि खेल केवल चालाकियों और साजिशों से नहीं जीता जाता, बल्कि इंसानियत, समझदारी और टीम की ताकत से भी अपनी पहचान बनाई जा सकती है।
एपिसोड में अर्जुन के नेतृत्व की झलक हरदम देखने को मिली। वह प्रतिस्पर्धा में सख्ती दिखाते ज़रूर हैं, परंतु कभी किसी का हौसला तोड़ने की कोशिश नहीं करते। उनका मानना है कि असली नेता वही है, जो टीम को प्रोत्साहित करे और सबका मनोबल बढ़ाए। उनके इसी रवैये ने उन्हें दर्शकों की नज़रों में खास बना दिया है।
एपिसोड का सबसे बड़ा आकर्षण आइस टास्क चैलेंज रहा। यह टास्क बेहद कड़ा था और कई लोगों का मानना था कि यह पुरुषों के लिए ज़्यादा उपयुक्त होगा। लेकिन अर्जुन ने इस सोच का विरोध किया और साफ कहा कि महिलाएं भी उतनी ही सक्षम हैं और उन्हें बराबरी का अवसर मिलना चाहिए। भले ही टास्क पूरा नहीं हो सका, लेकिन अर्जुन का यह रुख इस बात का प्रतीक बना कि खेल में इंसानियत और समानता सबसे पहले होनी चाहिए।
उनका खेल यह संदेश देता है कि यह जंग केवल खुद की नहीं, बल्कि पूरी टीम की है और जीत-हार के बीच भी इंसानियत को सर्वोच्च रखना ज़रूरी है।
एपिसोड में अनाया बंगर का बयान भी खास रहा। उन्होंने अर्जुन को शो का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी बताते हुए कहा कि वह आगे चलकर अर्जुन और कुबरा सैत से और करीब जाना चाहेंगी, क्योंकि उनकी मौजूदगी खेल की दिशा और असर दोनों बदल देती है।
