-टिकट खिड़कियों पर नजर आईं लंबी कतारें
सामना संवाददाता / मुंबई
मंगलवार को उपनगरीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट प्रणाली पूरी तरह ठप होने के कारण हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक ओर जहां यूटीएस के जरिए क्यूआर कोड टिकट बुकिंग की सुविधा बंद थी, वहीं दूसरी ओर एटीवीएम का सर्वर भी ठप हो गया। तकनीकी खराबी के कारण कई मशीनों से टिकट नहीं निकल पाए। इसके चलते लोगों को टिकट खिड़कियों पर आधे से पौने घंटे तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा। नतीजतन, स्टेशनों पर घंटों फंसे रहने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं।
पश्चिम और मध्य रेलवे के कई स्टेशनों पर मंगलवार दोपहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अंधेरी रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों यात्रियों को एक घंटे से ज्यादा कतार में खड़ा रहना पड़ा। पूर्व और पश्चिम दोनों ओर की टिकट खिड़कियों पर लंबी कतारें लग गई थीं। क्यूआर कोड टिकट बुकिंग बंद होने के कारण ज्यादातर यात्री एटीवीएम से ऑनलाइन टिकट निकालने के लिए उमड़ पड़े थे, लेकिन एटीवीएम में बार-बार तकनीकी खराबी आने से यात्रियों को आधे घंटे से अधिक समय तक इंतजार करने के बाद खाली हाथ ही लौटना पड़ा। फिर से टिकट खिड़कियों पर लगी भीड़ की परेशानी झेलनी पड़ी, जिससे नाराज यात्रियों ने रेलवे प्रशासन के अस्त-व्यस्त कामकाज के खिलाफ गुस्सा जताया।
रेलवे टिकट प्रणाली ठीक से संभल भी नहीं पा रही, ऐसे में रेलवे प्रशासन मुंबईकरों को वंदे मेट्रो की आरामदायक यात्रा का सपना क्यों दिखा रहा है, यह सवाल बांद्रा के यात्री सचिन खरात ने उठाया, वहीं रेलवे प्रशासन सुविधाएं देने में नाकाम है और यात्रियों को परेशान करने में आगे है, ऐसा गुस्सा कुर्ला के अनिकेत पांडे ने व्यक्त किया।
बुकिंग कर्मचारी असंवेदनशील
रेलवे स्टेशनों की टिकट खिड़कियों पर लंच ब्रेक का समय अलग-अलग होता है। आधा घंटा लाइन में खड़े रहने के बाद जैसे ही कोई यात्री खिड़की तक पहुंचता है, तभी ब्रेक का समय हो जाता है। उस समय वहां के कर्मचारी बिना किसी विचार के सीधे खिड़की बंद कर देते हैं। सामने खड़े बुजुर्ग यात्रियों का भी ख्याल नहीं रखा जाता। यात्रियों का नंबर करीब आने के बावजूद फिर से लंबी कतार में खड़ा होना पड़ता है। रेलवे से यात्री संगठनों की मांग है कि टिकट खिड़कियों पर लंच ब्रेक के समय वैकल्पिक कर्मचारी की तैनाती की जाए।
