-प्रभावित कारोबारियों ने डाला सरकार पर दबाव
सामना संवाददाता / मुंबई
अन्न एवं औषध प्रशासन विभाग में ताबड़तोड़ कार्रवाई कर मिलावटखोरों की नींद उड़ाने वाले आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे एक बार फिर तबादले की चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं। मगर लगता है कि महायुति सरकार को किसी अधिकारी की ईमानदारी पसंद नहीं है। विभाग में उनकी सख्त कार्यशैली और राज्यभर में चल रही धड़ाधड़ छापेमारी के बीच अब उनके संभावित तबादले की खबरें राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में जोर पकड़ने लगी हैं।
कुछ ही समय पहले अन्न एवं औषध प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले मुंढे ने मिलावटी खाद्य पदार्थों, नकली उत्पादों और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया। उनकी अगुवाई में विभाग ने करोड़ों रुपयों का माल जब्त किया और कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। इन कार्रवाइयों से मिलावट के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। इसी बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि मुंढे को उनके पद से हटाया जा सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है, लेकिन आखिर भारतीय ग्राहक पंचायत के केंद्रीय पदाधिकारी विनय कुमार का दावा है कि सख्त कार्रवाई से प्रभावित कुछ कारोबारी समूह सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
बता दें तुकाराम मुंढे का प्रशासनिक करियर लगातार तबादलों के लिए भी चर्चा में रहा है। सख्त पैâसलों और बेबाक कार्यशैली के कारण उन्हें कई बार महत्वपूर्ण पदों से हटाया गया है। ऐसे में एक बार फिर तबादले की अटकलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मिलावट के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच सरकार कोई बड़ा प्रशासनिक पैâसला लेने जा रही है?
