-मुंबई लोकल में सफर के दौरान जरा-सी लापरवाही बन सकती है जानलेवा
जेदवी
मुंबई की लोकल भीड़ का समंदर, प्लेटफॉर्म पर भागते कदम और ट्रेन पकड़ने की होड़। हर सेकंड कीमती है और इसी जल्दबाजी में एक छोटी-सी चूक कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है। इन दिनों सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने मुंबई की लोकल यात्रा के इसी खतरनाक पहलू की ओर ध्यान खींचा है। ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय एक यात्री का मोबाइल हाथ से फिसला और देखते ही देखते ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच मौजूद संकरे गैप में जा गिरा। पलभर पहले हाथ में मौजूद फोन अचानक आंखों के सामने गायब हो गया और यात्री की धड़कनें बढ़ गईं।
मोबाइल की कीमत चाहे कुछ हजार हो या लाखों में, आज वह महज एक फोन नहीं है। उसमें बैंकिंग से लेकर जरूरी दस्तावेज, निजी तस्वीरें, संपर्क और महत्वपूर्ण जानकारियां तक मौजूद रहती हैं। ऐसे में फोन गिरने पर उसे वापस पाने की बेचैनी स्वाभाविक है। लेकिन मोबाइल बचाने की कोशिश में जिंदगी दांव पर लगाना सबसे बड़ी भूल होगी।
एक फोन के लिए जान जोखिम में क्यों?
मुंबई लोकल के प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच का गैप बेहद खतरनाक होता है। वहां गिरे मोबाइल या सामान को खुद निकालने के लिए नीचे उतरना या झुककर जोखिम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है। पैर फिसलने, संतुलन बिगड़ने या अचानक ट्रेन चल पड़ने से कुछ ही सेकंड में बड़ा हादसा हो सकता है। रेलवे यात्रियों से लगातार अपील करता रहा है कि ट्रैक या ट्रेन के नीचे गिरी वस्तु को खुद निकालने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत स्टेशन मास्टर, रेलवे सुरक्षा बल या रेलवे कर्मचारियों को सूचना दें।
मोबाइल गया तो गया, जान बची लाखों पाए!
मुंबई की लोकल की रफ्तार के साथ जिंदगी भी दौड़ती है। इसलिए अगली बार ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय मोबाइल की स्क्रीन नहीं, अपने कदमों पर नजर रखिए। फोन दोबारा खरीदा जा सकता है, लेकिन जिंदगी नहीं।
