मुख्यपृष्ठअपराधराम मंदिर ट्रस्ट भंग करो...सीबीआई जांच कराओ!

राम मंदिर ट्रस्ट भंग करो…सीबीआई जांच कराओ!

-दान में गड़बड़ियों पर पुजारी महासंघ का बड़ा हमला

-पीएम मोदी को भेजा पत्र, ट्रस्ट के पुनर्गठन की भी उठाई मांग

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के प्रबंधन को लेकर उठे कथित सवालों के बीच अब राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की मांग तेज हो गई है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर ट्रस्ट के कामकाज की सीबीआई जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की है। महासंघ का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उज्जैन में मीडिया से बातचीत के दौरान महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश शर्मा ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिकस्थल नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं और लंबे संघर्ष का प्रतीक है। ऐसे में दान और चढ़ावे के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं के मन में किसी तरह का संदेह न रहे। उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ नियमों के तहत हुआ है तो जांच से ट्रस्ट की विश्वसनीयता और मजबूत होगी, लेकिन अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। महासंघ के राष्ट्रीय सचिव रूपेश मेहता ने ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग करते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े परिवारों और संघर्ष में योगदान देने वाले लोगों को ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उनके अनुसार, इससे ट्रस्ट का स्वरूप जनभावनाओं के और करीब दिखाई देगा तथा श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
ट्रस्ट की प्रतिक्रिया का इंतजार
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में महासंघ ने कहा है कि मामले की जांच सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी तरह के विवाद की गुंजाइश न रहे। फिलहाल इस मुद्दे पर राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन महासंघ की मांग के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
चढ़ावे में चोरी एक संगठित लूट है
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि एसआईटी जांच करने वाले वो हैं, जो महाकुंभ में भगदड़ के वक्त कमिश्नर थे। चढ़ावे में चोरी एक संगठित लूट है, इसमें बड़े लोग शामिल हैं, जिनकी नियुक्ति पीएम द्वारा हुई। हाई कोर्ट के जज से समयबद्ध जांच कराई जाए। राम के नाम पर दुकान चलाने वाले लूट मचाए हैं। वहीं आराधना मिश्र ने कहा कि यह राम की आस्था के साथ खिलवाड़ है। १,२५० श्रीराम शिलाएं गायब हो चुकी हैं, उसमें कई बहुत कीमती थीं।

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