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पानी में डूबे ६०५ करोड़ रुपए, ठाणे में उखड़ गईं भ्रष्टाचार की सड़कें!

निकृष्ट दर्जे का हुआ था काम
सामना संवाददाता / मुंबई
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार के माध्यम से ठाणे शहर में सड़कों के नवीनीकरण के लिए आवंटित ६०५ करोड़ रुपए पानी में चले गए। ठाणे में बनाई गईं सड़कें निकृष्ट दर्जे की होने के कारण बारिश में उखड़ गईं। इस संद र्भ मनपा आयुक्त सौरव राव से राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने शिकायत की है। शिकायत में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने मनपा के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मनपा अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। पदाधिकारियों ने घटिया काम करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की भी मांग की है।
बताया जाता है कि कोरोना काल के बाद ठाणे मनपा की वित्तीय स्थिति खराब हो गई थी। शहर में विकास कार्यों के लिए मनपा के खजाने में पैसे नहीं थे। शहर की कई सड़कें खस्ता हालत में थीं। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार के माध्यम से ठाणे शहर में सड़कों के नवीनीकरण के लिए ६०५ करोड़ रुपए आवंटित किए थे। इस धन का उपयोग शहर के विभिन्न हिस्सों में कंक्रीट, मैस्टिक, यूटीडब्ल्यूटी और डामरीकरण के माध्यम से सड़कों के निर्माण के लिए किया गया था। निकृष्ट दर्जे के काम के कारण सड़कें खराब हो गई हैं।
सरकारी नियमों में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि सरकारी धन का उपयोग उन सड़कों के लिए नहीं किया जाना चाहिए जिन पर भविष्य में जलापूर्ति, गैस, दूरसंचार या अन्य कार्य किए जाने हैं। हालांकि, घोड़बंदर रोड, वर्तक नगर, लोकमान्य नगर, वागले एस्टेट, पोखरण रोड और ठाणे के अन्य हिस्सों में अमृत योजना के तहत जल निकासी कार्यों के लिए सड़कों की खुदाई की गई है। परिणामस्वरूप, मौजूदा सड़कें टूट गई हैं और उनमें भारी गड्ढे हो गए हैं।

 

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