सामना संवाददाता / मुंबई
महायुति सरकार ने अब एक नया नियम जारी किया है कि पेट्रोल पंपों पर ईंधन तब तक उपलब्ध नहीं होगा जब तक कि प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) न हो। यह निर्णय बुधवार को परिवहन आयुक्त कार्यालय में हुई एक बैठक में लिया गया। बैठक में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार, संयुक्त सचिव (परिवहन) राजेंद्र होलकर और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने निर्देश दिया है कि भविष्य में हर पेट्रोल पंप पर ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ पहल लागू की जाए।
राज्य के प्रत्येक पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने आने वाले प्रत्येक वाहन के वाहन क्रमांक की सीसीटीवी वैâमरे के आधार पर जांच (स्वैâनिंग) की जाएगी। इससे संबंधित वाहन के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की वैधता का पता चलेगा। यदि उस वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र वैध नहीं होगा, तो उस वाहन को पेट्रोल/डीजल नहीं दिया जाएगा। पेट्रोल पंप पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र तत्काल बनवाने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। इससे वाहन चालक को असुविधा नहीं होगी। इस प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की एक विशिष्ट पहचान होगी। इसलिए समय-समय पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की वैधता की जांच की जा सकेगी। भविष्य में, वाहन बेचने वाले शोरूम और वाहन मरम्मत करने वाले गैरेज में भी प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था की जाएगी।
