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ऋषि सनातन संघ के कई पदाधिकारियों का हुआ चयन

सामना संवाददाता / वाराणसी

अंतर्राष्ट्रीय हिंदूधर्म गुरु कथावाचक एवं ज्योतिषाचार्य श्रीवन शक्तिधाम के पीठाधीश्वर सद्गुरु पूज्य श्री रतन वशिष्ठ जी महाराज के नेतृत्व में आज के 15 वर्ष पहले एक मजबूत- व्यवस्थित सनातन सिद्धांतों का पालन करने वाला संघ स्थापित किया गया, जो 2023 में अपना वास्तविक मूर्त रूप ग्रहण किया! आज बहुत तेजी से अपने भारत देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में फैल रहा है। सनातन सिद्धांतों को सनातनी पद्धति को मानने-जानने के लिए लोग ऋषि सनातन संघ का अनुकरण कर रहे हैं।
अभी हाल ही में ऋषि सनातन संघ में नेपाल की वर्तमान स्थिति-परिस्थिति को देखते हुए वहां के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में काठमांडो नेपाल के निवासी विशाल चौलगाई को नियुक्त किया गया है, वही अंतर्राष्ट्रीय संगठन मंत्री के रूप में कृपाशंकर यादव, राष्ट्रीय सेना प्रमुख के रूप में पंकज दूबे व राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के रूप में।
मंगला प्रसाद तिवारी। अभिषेक जोशी, महाराष्ट्र संगठन मंत्री के रूप में जयंती प्रसाद तिवारी, सच्चिदानन्द द्विवेदी स्वास्थ्य प्रमुख के रूप में डॉ. संदीप दूबे, प्रचार मंत्री के रूप में अनिल पाण्डेय को व राजकुमार शर्मा, उमेश कुमार सिंह, जितेंद्र यादव। जौनपुर जिलाध्यक्ष के रूप में, सुभाष सिंह महामंत्री के रूप में विनय मिश्रा महासचिव के रूप में बिपिन सिंह। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में विजय जायसवाल। राष्ट्रीय महासचिव के रूप में सरिता दुबे, वाराणसी मंडल प्रभारी के रूप में, अम्बोज कुमार दुबे जी। मुंबई संगठन मंत्री के रूप में रामकुमार चौरसिया। अवधेश कुमार सोनी, विधिक सलाहकार के रूप में अजय शंकर पांडेय, शिवशंकर पांडेय, महिला मंडल प्रभारी वाराणसी के रूप में वर्षा सिंह को नियुक्त किया गया है। संस्था बहुत तेजी से सनातन मूल्यों को लेकर अपने उद्देश्य को आगे बढ़ा रही है। संस्था के द्वारा सनातन संस्कृति संस्कार, श्रीराम कथा, शिव कथा, शिव भागवत कथा व अनेकों यज्ञ अनुष्ठान, वृक्ष लगाने का अभियान, गौशाला तथा वह गुरुकुल खोलना, जिसमें ज्योतिष, भागवत व पुराण भेद का अध्ययन अध्यापन करना-कराना, राष्ट्र रक्षा धर्म, रक्षा संस्कृतिरक्षा, गरीबों को भोजन देने का अभियान व जो परेशान हैं, उनको मदद करने का अभियान, गरीब बिटिया के विवाह के अभियान आदि चलाए जा रहे हैं। इसमें कुछ चीजें निरंतर हो रही हैं और कुछ कार्य अभी भविष्यगत योजनाओं में शामिल हैं! इस संघ में सदस्यता शुल्क का कोई बंधन नहीं है। पदाधिकारी अपनी स्वेच्छा से संघ को आर्थिक सहयोग कर सकते हैं!
अभी संघ में हजारों पद रिक्त हैं, आप सभी सनातनी लोग संघ से जुड़ सकते हैं और जुड़कर सनातन की सेवा कर सकते हैं! इस तरह की जानकारी श्री रतन वशिष्ठ जी महाराज ने दी।

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