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गाजीपुर में थाने का गेट बंद कर, लाइट बुझा कर भाजपाइयों की निर्मम पिटाई, एक की मौत!

बाराबंकी के बाद गाजीपुर में संघनिष्ठों पर बरसी लाठियांब!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

यूपी में अपनी सरकार होने का भ्रम पाले एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने इतना पीटा कि अभी तक लोग भूल नहीं पा रहे हैं। कुछ लोग अभी भी इलाज ही करवा रहे हैं। मामले को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह और भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह ने नाराजगी व्यक्त किया तब खाना पूर्ति के लिए कुछ पुलिस वालाें को सस्पेंड कर दिया गया। मामले को इतने हल्के ढंग से निपटाया कि इस एक्शन का असर यूपी के पुलिस वालों पर नहीं दिखा। इसी क्रम में उससे भी बढ़ कर क्रूरता करते हुए गाजीपुर में भाजपाइयों को लाइट बंद कर थाने का गेट बंद कर भाजपा नेताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। बताते हैं कि थाने पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे भाजपा नेताओं को आधी रात में बिजली बंद करके लाठीचार्ज कर दिया गया। इसमें कई भाजपा कार्यकर्ता चोटिल हो गए। गुरुवार की भोर में लाठीचार्ज में घायल दिव्यांग भाजपा कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय की मौत हो गई। कार्यकर्ता की मौत से भाजपाइयों में जबरदस्त गुस्सा है। अपनी ही सरकार में इस तरह की पुलिस बर्बरता से आक्रोश देखा जा रहा है।

नोनहरा थाना क्षेत्र के गठिया गांव में बिजली का पोल गाड़ने का लेकर दो पक्षों में विवाद था। इसमें नौ सितम्बर को एक पक्ष से राजेश राय बागी, विकास राय के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता नोनहरा थाने में धरना दे रहे थे। उनका आरोप है कि आधी रात को थाने की लाइट बंद कराकर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। प्रदर्शनकारियों की बर्बर तरीके से पिटाई की गई। पुलिस के लाठीचार्ज का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पिटाई से राजेश राय बागी, अरविंद राय, सियाराम उपाध्याय समेत कई बीजेपी कार्यकर्त्ता घायल हुए थे। रुकुंडीपुर निवासी बीजेपी कार्यकर्त्ता 35 वर्षीय सियाराम उपाध्याय की गुरुवार की भोर में मौत हो गयी। मौत की खबर लगते ही रुकन्दीपुर में बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्त्ताओं और ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। मृत युवक के पिता गिरिजा उपाध्याय ने बताया कि थाने पर धरने में बेटा गया हुआ था। लौट के आया तो उसे काफी चोट लगी थी। पिटाई के कारण ही उसकी मौत हो गई है। उन्होंने पूरे मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और न्याय की मांग की।

मामले में पुलिस कप्तान ईरज राजा का कहना है कि गठिया गांव में प्रधान पक्ष और पूर्व प्रधान पक्ष में बिजली के खंभे गाड़ने को लेकर विवाद था। इसमें एक पक्ष के 20 से 25 लोग थाने पर आकर बैठ गए थे, जिन्हें समझाया गया कि हट जाइए। क्योंकि ये विवाद दूसरे विभाग से जुड़ा है, वहां जाकर समाधान कराइये। लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हुए। रात में एकाएक बिजली जाने के बाद अफरातफरी मच गई थी। इसके बाद उन्हें जाने को बोला गया तो ये लोग चले गए थे। किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं हुई थी। पूरे मामले में जांच एडिशनल एसपी ज्ञानेन्द्र नाथ प्रसाद से कराई जा रही है। मृतक का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई कराई जाएगी।

रुकुंडीपुर गांव में भाजपा कार्यकर्ता के घर सैकड़ों की संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता जुट गए। मौके पर पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश राय को भी लोगों का विरोध झेलना पड़ा। मृतक के पिता ने सरकार पर भरोसा जताते हुए जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। भाजपा विधायक अल्का राय के बेटे पियूष राय ने पुलिस लाठीचार्ज का वीडियो भी एक्स पर शेयर किया है। इसमें पुलिस की बर्बरता और भाजपा कार्यकर्ताओं की चीख-पुकार दिखाई और सुनाई दे रही है

गाजीपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर थाने में लाठीचार्ज मामले में पुलिस अधीक्षक ने 12 पुलिस कर्मियों पर की कार्रवाई किया है। 6 पुलिसकर्मी निलंबित, 6 को किया लाइन हाजिर, थानेदार समेत 6 पुलिसकर्मी निलंबित किये गये। एसपी ने डीएम को मजिस्ट्रियल जांच के लिये लिखा पत्र लिखा है।बता दें कि गाजीपुर के नौनिहार थाने में रात डेढ़ बजे पुलिस की पिटाई से बीजेपी कार्यकर्ता की मौत हुई थी।

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