सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई को पानी देने वाले सभी सात बांधों में इस साल जल भंडारण ९८ प्रतिशत तक पहुंच गया है, लेकिन मुंबई की दैनिक पानी की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और यह जल भंडारण अब मुंबई के लिए अपर्याप्त हो गया है। इस पानी का भंडार चाहे जितना भी अधिक हो गया हो, लेकिन अगले साल मई में पानी कटौती करना ही होगा या आरक्षित भंडार पर निर्भर रहना होगा।
बता दें कि मुंबई को वर्तमान में प्रतिदिन ४,५०० से ४,६०० मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता है और मुंबई मनपा वर्तमान में केवल ४,००० मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति कर पा रहा है। मुंबई और आस-पास के शहरों, खासकर बांध क्षेत्र में अच्छी बारिश के कारण मुंबई को पानी देने वाले सभी सात बांधों में ९८ प्रतिशत जल भंडारण हो चुका है। हालांकि, बांधों के लबालब भर जाने से मनपा प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन आंकड़े साबित कर रहे हैं कि यह जलापूर्ति अब अपर्याप्त हो गई है।
बताया जाता है कि कुछ साल पहले मुंबई में ३८५० मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति होती थी। वर्तमान में प्रतिदिन ४००० मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति हो रही है। हालांकि, त्योहारों और समारोहों के दौरान पानी की मांग बढ़ जाती है। उस समय ४,१०० मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति होती है। मुंबई में बड़ी संख्या में इमारतें बन रही हैं और आबादी बढ़ रही है। इसलिए मुंबई की वर्तमान दैनिक पानी की आवश्यकता ४,५०० से ४,६०० मिलियन लीटर तक पहुंच गई है।
अगर इतना पानी उपलब्ध कराया जाता है तो बांधों में पानी पूरे साल के लिए पर्याप्त नहीं होगा। जल अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आशंका जताई है कि बांध मार्च में ही अपने तल तक पहुंच जाएंगे। हर साल, जल भंडारण का अनुमान अक्टूबर की शुरुआत में लगाया जाता है, जब बारिश के चार महीने खत्म हो जाते हैं। यदि बांध लबालब भर जाएं तो पानी कम करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से मई आते ही पानी कम करना पड़ता है या रिजर्व स्टॉक को छूना पड़ता है।
