सामना संवाददाता / मुंबई
वर्ली-शिवड़ी एलिवेटेड रोड के लिए प्रभादेवी स्थित पुराने एलफिंस्टन ब्रिज को तोड़े जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था और निकट भविष्य में गोरेगांव में भी इस तरह की पुनरावृत्ति होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
बता दें कि मुंबई मनपा ने वर्सोवा-दहिसर-भायंदर परियोजना अपने हाथ में ली है और गोरेगांव स्थित वीर सावरकर फ्लाईओवर इस परियोजना में बाधा बन गया है। यह लगभग तय है कि महज सात साल पहले बने इस फ्लाईओवर को तोड़कर इस जगह पर दो-स्तरीय फ्लाईओवर बनाया जाएगा।
शिवडी-वर्ली एलिवेटेड रोड के लिए एलफिंस्टन ब्रिज को तोड़ने को लेकर निवासियों में रोष है। अब एक और विकास परियोजना के लिए पुराने पुल को तोड़ना होगा। मुंबई मनपा ने कोस्टल रोड के उत्तर मुंबई खंड पर काम शुरू कर दिया है। यह मार्ग वर्सोवा-दहिसर और आगे भायंदर तक जाएगा। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकारी भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया भी चल रही है। तटीय विनियमन क्षेत्र के बाहर के क्षेत्र में काम वास्तव में शुरू हो गया है। हालांकि, गोरेगांव में वीर सावरकर फ्लाईओवर इस कोस्टल रोड में बाधा बन गया है और मुंबई मनपा प्रशासन ने इस पुल को ध्वस्त करने और उस स्थान पर एक नया दो-स्तरीय पुल बनाने का फैसला किया है।
बता दें कि पिछले छह-सात महीनों से इस बात पर बहस चल रही थी कि क्या इस पुल को ध्वस्त किए बिना कोई योजना बनाई जा सकती है, लेकिन अब मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय और लागत के दृष्टिकोण से इस पुल को ध्वस्त करना सही काम है।
