-अपने ही विधायक की धमकी से मुश्किल में पड़े डीसीएम
सामना संवाददाता / मुंबई
आरक्षण के मुद्दे पर महाराष्ट्र की राजनीति दिन-ब-दिन और ज्यादा गरम होती जा रही है। मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन के दौरान उनकी मांगें मानते हुए सरकार ने मराठा आरक्षण का जीआर निकाला और हैदराबाद गजट लागू करने का निर्णय लिया। अब हैदराबाद गजट के आधार पर हमें भी अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग में आरक्षण दिया जाए, ऐसी मांग बंजारा समाज ने उठाई है। इस पर शिंदे गुट के नंदुरबार के आदिवासी विधायक आमश्या पाडवी ने कड़ा आक्रोश जताया और सरकार को साफ चेतावनी दी। पाडवी की फडणवीस सरकार को धमकी से उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
आमश्या पाडवी ने साफ कहा कि आदिवासियों में बंजारा और धनगर समाज को घुसने नहीं देंगे। अगर सरकार ने बंजारा और धनगर समाज को आदिवासी आरक्षण दिया तो मैं सरकार से बाहर निकल जाऊंगा। उनकी इस भूमिका के कारण आरक्षण का मुद्दा और ज्यादा गरमा सकता है, साथ ही इससे सरकार और खुद उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की भी मुश्किलें बढ़ने की संभावना है।
बता दें कि राज्य सरकार ने मराठा समाज को कुणबी प्रमाणपत्र देने के लिए हैदराबाद गजट लागू करने का जीआर निकाला है। हैदराबाद गजट में जिनका पंजीयन मिलेगा, उन्हें कुणबी प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसी आधार पर अब बंजारा समाज की ओर से अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग में समावेश करने की मांग हो रही है। इसके अलावा पिछले कई वर्षों से धनगर समाज भी अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग में समावेश की मांग कर रहा है, लेकिन इस मांग का विधायक आमश्या पाडवी ने जोरदार विरोध किया।
नहीं होने देंगे आदिवासी कोटे में घुसपैठ
उन्होंने कहा कि हैदराबाद गजट लागू हुआ, इसका मतलब यह नहीं कि कोई भी आदिवासी वर्ग में आ जाएगा। आदिवासी बनने के लिए आदिवासी के घर जन्म लेना पड़ता है। इस सरकार को भी १० बार सोचना पड़ेगा। ऐसा करने से पहले हम भले सरकार में हैं, लेकिन सरकार की मनमानी आदिवासियों के साथ नहीं चलेगी, जरूरत पड़ी तो हम सरकार हिलाकर रख देंगे। पाडवी ने आगे कहा कि मराठा समाज के लिए हैदराबाद गजट लागू किया गया है, तो उस विषय को मराठा समाज देखें। हम अपनी लड़ाई लड़ेंगे। जब तक मैं विधायक हूं, तब तक किसी को भी आदिवासियों में घुसने नहीं दूंगा।
