सामना संवाददाता / मुंबई
अडानी समूह मोहना स्थित एनआरसी कंपनी की जमीन पर सीमेंट पैâक्ट्री शुरू करने जा रहा है। इस संबंध में कल पर्यावरण विभाग की ओर से जनसुनवाई हुई। टिटवाला, मोहना, आंबिवली, शहाड के हजारों जमीन मालिकों और निवासियों ने इस जनसुनवाई में भाग लिया और इसका कड़ा विरोध किया। निवासियों ने सुनवाई के दौरान कहा कि सीमेंट पैâक्ट्रीr के कारण होने वाले प्रदूषण से हमारी जमीनें बंजर हो जाएंगी और स्वास्थ्य को भी खतरा होगा इसलिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि एनआरसी की जमीन पर कोई भी प्रदूषणकारी सीमेंट पैâक्ट्रीr नहीं बनाने दी जाएगी।
गौरतलब हो कि अडानी समूह द्वारा सीमेंट पैâक्ट्री के लिए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति मांगने के बाद हजारों नागरिकों ने इस परियोजना के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन आपत्तियों पर सुनवाई की। इस सुनवाई के दौरान जमीन मालिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, किसान संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने सीमेंट पैâक्ट्रीr के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया।
सुनवाई के दौरान श्याम गायकवाड़, विजय काटकर, जे. सी. कटारिया, महेंद्र गायकवाड़, सुनंदा कोट, नितिन निकम, गोरख जाधव, आशा रसाल, उदय चौधरी, सुभाष पाटील, दशरथ पाटील, रमन तारे, वैभव पाटिल आदि ने अडानी समूह की परियोजना से होने वाले प्रदूषण, स्वास्थ्य और कृषि पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से संबंधित कई सवाल उपस्थित किए। लोगों द्वारा उठाए गए सवालों का कंपनीr के प्रतिनिधि संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके, इसलिए भूमिपुत्रों ने अडानी कंपनीr के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और परियोजना का विरोध किया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड न दे अनुमति
कल्याण-डोंबिवली मनपा को स्मार्ट सिटी के रूप में चुना गया है। स्मार्ट सिटी और आबादी वाले क्षेत्र में सीमेंट कारखाना बनाना नागरिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों का कहना है कि इस परियोजना से पर्यावरण को भी भारी नुकसान होगा। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि सरकार ने अडानी की पैâक्ट्री को अनुमति दी तो आसपास के शहर और गांव के लोग सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
