मुख्यपृष्ठनए समाचारएमपी में हेल्थ सिस्टम का चूहों के सामने `सरेंडर!'

एमपी में हेल्थ सिस्टम का चूहों के सामने `सरेंडर!’

-जबलपुर के सरकारी अस्पताल में मूषक कुतर रहे मरीजों के पैर

मध्य प्रदेश के जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चूहों का आतंक देखने को मिल रहा है। यहां मरीज और अटेंडर चूहों का शिकार हो गए। मानसिक रोग विभाग के रेनोवेशन के चलते मरीजों को ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट में शिफ्ट किया गया, जहां रात के समय दो महिलाओं और एक अटेंडर के पैरों को चूहों ने कुतर डाला। जब लोगों ने शिकायत की तो डॉक्टरों ने इंजेक्शन लगाने की सलाह दी। पिछले दिनों एमपी के इंदौर से भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी, जहां एम.वाय. अस्पताल में दो मासूमों की मौत चूहों के काटने की वजह से हुई थी। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि एमपी में हेल्थ सिस्टम चूहों के सामने सरेंडर हो गया। जहां बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद भी प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
गौरतलब है कि जबलपुर की इस घटना ने एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग के खोखले दावों की पोल खोलकर रख दी है। मरीजों के परिजनों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अस्पताल प्रशासन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहा है। अब डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने घटना को निंदनीय बताते हुए पेस्ट कंट्रोल एजेंसी की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।
वार्ड में रहती है चूहों की भरमार
जबलपुर संभाग के सबसे बड़े मेडिकल अस्पताल में मरीजों को चूहे कुतर रहे हैं। मरीजों का कहना है कि रात के समय वार्ड में चूहों की भरमार रहती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। नरसिंहपुर के श्रीनगर के रहने बाले जगदीश मेहरा ने बताया कि उन्होंने मां को इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल में भर्ती किया था। रात में मां के पैरों को चूहों ने काट लिया। इसी तरह यशोदा बाई ने बताया कि शिशु वार्ड में भी चूहे थे।उन्होंने ये भी बताया कि सिर्फ एक कूलर के सहारे पूरा वार्ड चल रहा है।

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