सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की महायुति सरकार जनता के मुद्दों को भूलकर केवल सत्ता बचाने और राजनीतिक दलों को तोड़ने में लगी हुई है। सरकार के पास पार्टियां तोड़ने और विधायकों-सांसदों को अपने पाले में लाने के लिए भरपूर पैसा है, लेकिन पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के कारण जान गंवानेवाले छात्रों के परिवारों की मदद के लिए कौड़ी नहीं है। ऐसा जोरदार हमला सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया है। राज्य की महायुति सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दीपके ने कहा कि परीक्षा घोटालों और छात्रों की आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो गई है। उन्होंने मांग की कि जिन छात्रों ने आत्महत्या की है, उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। मीडिया से बातचीत में दीपके ने सरकार को चेतावनी दी कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए शुरू हुआ आंदोलन अब केवल परीक्षा घोटालों तक सीमित नहीं रहेगा।
