मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म खान कल सुबह जेल से रहा हो जाएंगे। आज़म खान बीते 2 साल से सीतापुर की जेल में बंद हैं। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज 53 मामलों में रिहाई के परवाना जारी कर दिया गया हैं। परवाना सीतापुर जेल पहुंच भी गया हैं। सूत्रों की मानें तो सीतापुर जेल के अधिकारियों ने परवानों की जांच कर ली है। सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। आज़म खान के खिलाफ करीब 100 मुकदमे दर्ज हैं। कई मामलों में उन्हें सजा हो चुकी है। जबकि कई मामलों में वो बरी भी हुए हैं। बीते दिनों डूंगरपुर प्रकरण में स्थानीय अदालत से सुनाई गई 10 साल की सजा पर हाईकोर्ट ने उन्हें राहत प्रदान करते हुए जमानत दी थी। अगर कुछ कोई नया मामला न हुआ तो मंगलवार सुबह आज़म खान जेल से बाहर आ जाएंगे। इस बार आजमखान को जमानत मिलने और उनके जेल से बाहर आने की खबरों के बाद से ये चर्चा शुरू हो गई कि वो बसपा ज्वाइन कर रहे हैं। अगर ऐसा वाकई में हो गया तो सारे दांव पेंच, कई राजनीतिक समीकरण साफ हो जाएंगे।
फिलहाल मुलायम सिंह यादव के जमाने से पार्टी के संकटमोचक रहे शिवपाल यादव की गतिविधियों पर सबकी नजर टिकी है। मुलायम सिंह के रहते भी जब आजमखान नाराज होते थे तब शिवपाल यादव उन्हें मनाने की पहल करते थे। कल्याण सिंह से गठबंधन के बाद आजमखान सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से इतना नाराज हुये कि सार्वजनिक मंच से बोल दिया था कि मुलायम सिंह यादव की धोती के नीचे हाफ पैंट है।यहां हाफ पैंट का तात्पर्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गणवेश वाले खाकी नेकर से जोड़ कर देखा गया था। सूत्रों की मानें तो इस बार फिर शिवपाल यादव अपने पुराने हितैषी आजमखान को मनाने की तैयारी में हैं। ऐसा भी हो सकता है कि वह आजमखान के जेल से रिहाई के समय वहां बाहर उनका स्वागत करें। वैसे पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का निर्णय ही शिवपाल यादव का अंतिम निर्णय होगा।
