सामना संवाददाता / मुंबई
पहलगाम आतंकियों को फंडिंग करने का डर दिखाकर सायबर अपराधियों ने एक ७३ वर्षीय बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर ७० लाख रुपए की ठगी की। पीड़ित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के पूर्व प्रबंध निदेशक और वर्तमान में खनन उद्योग सलाहकार के रूप में काम करते हैं।
आरएके मार्ग पुलिस ने दादर-पूर्व में एक लग्जरी टावर के निवासी बुजुर्ग व्यक्ति की शिकायत पर सोमवार को मामला दर्ज किया। पुलिस के मुताबिक, सायबर क्रिमिनलों ने वरिष्ठ नागरिक को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख सदानंद दाते का नाम लेकर डराया और धमकाया। आरोपियों ने पीड़ित को यह कहकर अपने बस में किया कि पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच के दौरान उन्हें एक आतंकवादी समूह से जुड़ा पाया गया और उन्हें डिजिटल गिरफ्त में रखा गया है।
बता दें कि सदानंद दाते एक प्रसिद्ध पुलिस अफसर हैं, जिन्हें २६/११ मुंबई आतंकवादी हमलों के दौरान अजमल कसाब और अबु इस्माइल का सामना करने के लिए जाना जाता है और वर्तमान में एनआईए के महानिदेशक हैं। पुलिस के अनुसार, यह घटना पिछले सप्ताह शुरू हुई थी। शिकायतकर्ता को गुरुवार को एक अज्ञात महिला से कॉल आने लगे थे, जिसने खुद को एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) कंट्रोल, नई दिल्ली से आईपीएस अधिकारी विनीता शर्मा बताया था। उसने वरिष्ठ नागरिक को बताया कि वे पहलगाम आतंकवादी हमले से जुड़े एक संवेदनशील मामले की जांच कर रहे हैं। इस मामले में उन्होंने कई व्यावसाइयों, राजनेताओं और बिल्डरों पर छापे मारे हैं। जांच में पता चला है कि आतंकवादियों की मदद करने का डर दिखाकर सायबर ठगों ने बुजुर्ग को दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और ७० लाख रुपए ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।
