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सत्ता की आड़ में देह व्यापार का शर्मनाक खेल!..शिंदे के नगरसेवक, भाजपाई समेत ४ गिरफ्तार

-२ नाबालिग बहनों को देह व्यापार में झोंकने का आरोप

सुनील ओसवाल / मुंबई

नई मुंबई के उलवे से सत्ता की आड़ में देह व्यापार का शर्मनाक खेल सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने शिंदे गुट के नगरसेवक और एक भाजपाई समेत ४ लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर २ नाबालिग बहनों को देह व्यापार में झोंकने का आरोप है।
बताया जाता है कि कुछ प्रभावशाली और राजनीतिक पदों पर बैठे लोग अपने रसूख और सामाजिक हैसियत का कथित तौर पर दुरुपयोग कर सकते हैं। यही वजह है कि यह खबर समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लॉज पर छापे के बाद खुला राज
उल्लेखनीय है कि १७ जून को रेलवे पुलिस ने उलवे के एक लॉज पर छापा मारकर १४ और १७ वर्ष की दो सगी नाबालिग बहनों को कथित देह व्यापार के चंगुल से मुक्त कराया। जांच के दौरान पेण के शिंदे गुट के स्वीकृत नगरसेवक उपेंद्र कोलाडकर, भाजपा के पूर्व नगरसेवक कुणाल नाईक और दो अन्य आरोपियों की कथित भूमिका सामने आई।
पुलिस हिरासत में भेजे गए आरोपी
उलवे में सत्ता की आड़ में देह व्यापार का शर्मनाक खेल खेलनेवाले सभी आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम, अनैतिक व्यापार निवारण (वेश्या व्यवसाय) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने सभी आरोपियों को २४ जून तक पुलिस हिरासत में भेजा है।
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों से समाज को सुरक्षा, संवेदनशीलता और नैतिक आचरण की अपेक्षा होती है। जब जनसेवा के लिए मिले राजनीतिक पद और सामाजिक प्रभाव का इस्तेमाल ही कथित तौर पर कमजोर और नाबालिग बच्चियों के शोषण जैसे अपराधों में होने लगे, तो यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि जनता के विश्वास के साथ भी विश्वासघात माना जाता है। यह खबर समाज के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बताती है कि सत्ता, राजनीतिक पहचान और सामाजिक रसूख किसी को कानून से ऊपर नहीं बनाते। साथ ही यह मामला इस बात पर भी बहस खड़ी करता है कि राजनीतिक दलों में जवाबदेही, जनप्रतिनिधियों के आचरण और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के प्रति समाज कितना सजग है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा ही लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का भरोसा कायम रख सकती है।

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