-१५ अगस्त तक बाकी चालकों को अंतिम मौका
सामना संवाददाता / मुंबई
गैर-मराठी टैक्सी और रिक्शाचालकों को यदि १५ अगस्त तक मराठी बोलना नहीं आया, तो उन पर कार्रवाई करने का संकेत राज्य सरकार ने दिया है। इसके लिए सरकार की ओर से सभी चालकों के लिए मराठी सिखाने की कक्षाएं शुरू की गई थीं। इनमें १ लाख से अधिक टैक्सी और रिक्शाचालकों ने मराठी के पाठ सीखने का दावा आज परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने किया।
‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी सिखाओ अभियान’ के अंतर्गत १ मई से गैर-मराठी चालकों को मराठी भाषा सिखाने की शुरुआत की गई थी। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने गुरुवार को मंत्रालय में अभियान की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान १ मई से शुरू किया गया था, ताकि मुंबई सहित राज्यभर में सेवा देने वाले गैर-मराठी चालक स्थानीय भाषा सीखकर यात्रियों से सहज संवाद कर सकें।
सरनाईक ने कहा कि जो चालक अभी तक इस अभियान से नहीं जुड़े हैं, वे १५ अगस्त से पहले इस अवसर का लाभ उठाकर मराठी सीख लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समयसीमा के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा बैठक में परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर, वरिष्ठ साहित्यकार प्रदीप ढवण, मुंबई मराठी साहित्य संघ तथा कोंकण मराठी साहित्य परिषद के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बैठक में अभियान की प्रगति और आगे की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अभियान का औपचारिक समापन १७ अगस्त को मुख्यमंत्री के हाथों किया जाएगा। इस अवसर पर मराठी भाषा का प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी रिक्शा और टैक्सी चालकों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
मराठी सीखो, नहीं तो कार्रवाई झेलो!
राज्य सरकार ने गैर-मराठी टैक्सी और रिक्शा चालकों को १५ अगस्त तक का अंतिम मौका दिया है। मराठी प्रशिक्षण पूरा करने वालों को १७ अगस्त को प्रमाणपत्र मिलेगा, जबकि अभियान से दूर रहने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
