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महायुति सरकार का अधूरा राहत पैकेज… बाढ़ पीड़ितों को किट में दे रही सिर्फ गेहूं-चावल!

-एनजीओ की मदद से चल रहा आपदाग्रस्तों का गुजारा

-अरहर दाल देने का किया था वादा

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई

पिछले कई दिनों से मराठावाड़ा समेत राज्य के कई जिलों में हो रही मूसलाधार बारिश ने राज्य में तबाही मचा दी है। किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। लोगों के घर डूब चुके हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इन सबके बीच महायुति सरकार का राहत पैकेज बाढ़ पीड़ितों के लिए अधूरा साबित हो रहा है। राशनिंग विभाग ने हर परिवार को किट में तमाम जरूरी सामान देने का भरोसा दिलाया था। लेकिन हकीकत में सरकारी किट में सिर्फ गेहूं और चावल ही मिल रहे हैं, जबकि अरहर दाल देने का वादा तो किया गया है। लेकिन उसकी खरीद प्रक्रिया बाजार से पूरी होने के इंतजार में अटकी हुई है। तेल, नमक, चाय और चीनी जैसी रोजमर्रा की बुनियादी चीजें किट से नदारद हैं। हालांकि, इनकी भरपाई एनजीओ की मदद से की जा रही है। ऐसे में आपदाग्रस्तों का गुजारा सरकारी यंत्रणा से नहीं, बल्कि सामाजिक संस्थाओं के सहारे चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को अरहर दाल, नमक, तेल, चीनी, चाय, गेहूं, चावल और बर्तन आदि का किट देने का आश्वासन और आदेश सरकार की ओर से दिया गया था, लेकिन बाढ़ पीड़ितों को १० किलो गेहूं और १० किलो चावल दिया जा रहा है। इसी के साथ ही बताया गया है कि आनेवाले दो-तीन दिनों में प्रत्येक परिवार को तीन किलो अरहर दाल दी जाएगी। लेकिन यह दाल स्थानीय बाजार से खरीदने को कहा गया है और खरीद से पहले दर पत्रक लेकर खरीद करनी होगी, जिसके चलते इसमें समय लग रहा है। इसके अलावा तेल, नमक, चाय और चीनी जैसी आवश्यक वस्तुएं सरकार की ओर से नहीं, बल्कि एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी बीच बाढ़ग्रस्तों के लिए उपलब्ध अनाज कम पड़ने की संभावना को देखते हुए गेहूं और चावल अतिरिक्त मात्रा में देने की मांग सरकार से की गई है। जीवनावश्यक वस्तुओं के किट वितरण के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली है इसलिए कई जिलों में एनजीओ से अपील कर उनकी मदद ली जा रही है।
दिवाली से पहले राशन पर संकट
ऐन दिवाली के समय राशन दुकानों का अनाज बाढ़ पीड़ितों के लिए दिया जा रहा है। अक्टूबर महीने यानी दिवाली का राशन अनाज आने में अभी समय है इसलिए बाढ़ पीड़ितों समेत अन्य ग्राहकों को सरकारी राशन के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
सरकार के आदेशानुसार हो रहा वितरण
दूसरी तरफ राशनिंग आपूर्ति विभाग की ओर से कहा जा रहा है हि महायुति सरकार के आदेश के अनुसार, हम प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवार को १० किलो चावल, १० किलो गेहूं दे रहे हैं। प्रत्येक परिवार को तीन किलो अरहर दाल भी दी जाएगी और इसका वितरण जल्द ही शुरू होगा।

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